फोटो-38- धरना स्थल पर बैठी महिला से बात करते एसडीएम
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संडीला। तीन वर्षों से जमीन के लिए कानूनी लड़ाई लड़ते-लड़ते तहसील के झब्बू खेड़ा मजरा उसरहा निवासी महिला बीना राठौर का धैर्य शनिवार को जवाब दे गया। वह तहसीलदार न्यायालय के सामने ही धरने पर बैठ गई।
बीना राठौर ने बताया कि उसके ससुर मोहनलाल राठौर के नाम उसरहा गांव में जमीन है। मोहनलाल के दो लड़के कौशल किशोर व अन्नू हैं। करीब तीन वर्ष पूर्व बीमारी के चलते पति कौशल किशोर की मृत्यु हो गई थी।
इसके बाद वह और उसके दो पुत्र उत्तराधिकारी हुए। पति परिवार के साथ अलीगढ़ चले आए थे और वहीं मकान बना कर रहने लगे थे। अब ससुर मोहनलाल की भी मृत्यु हो चुकी है।
इसका फायदा उठा कर देवर अन्नू ने पिता से पूरी जमीन अपने नाम करवा ली। इस बात का पता जब उसे चला तो उसने तहसील में आकर आपत्ति की।
इसके बाद अन्नू के साथ बीना एवं उसके पुत्रों का नाम जोड़ा गया, लेकिन अन्नू ने इसके विरुद्ध आपत्ति दाखिल कर दी कि वह कौशल किशोर की पत्नी ही नहीं है।
इस पर सुनवाई चल रही है। पिछले सप्ताह थाना समाधान दिवस में उसके प्रार्थना पत्र पर एसडीएम के आदेश पर पुलिस अन्नू को बुलाकर थाने लाई तो वह बीना का हिस्सा देने के लिए राजी हो गया लेकिन वापस जाकर अन्नू हिस्सा देने के लिए मुकर गया।
इसलिए वह तहसीलदार के न्यायालय के सामने धरने पर बैठ गई। शाम को एसडीएम डीपी सिंह ने बीना को समझाया। एसडीएम ने बताया कि बिना दोनों पक्षों को सुने कैसे कोई निर्णय लिया जा सकता है। दूसरे पक्ष की बात सुनने के बाद कार्रवाई की जाएगी।