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जिले में पीपीपी मॉडल पर होगी सैनिक स्कूल की स्थापना

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हरदोई। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के आधार पर जिले में सैनिक स्कूल की स्थापना की जाएगी। रक्षा मंत्रालय इसमें सहयोग करेगा। स्कूल रक्षा मंत्रालय की सैनिक स्कूल सोसायटी से संबद्ध होगा।
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स्कूल की स्थापना के लिए पब्लिक सेक्टर के सभी एनजीओ, निवेशकों, राज्य सरकार के शैक्षणिक संस्थानों और सभी विद्यालयों को खुला आमंत्रण दिया गया है। वह रक्षा मंत्रालय के ऑनलाइन पोर्टल पर स्कूल की स्थापना में सहभागिता के लिए आवेदन कर सकते हैं।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में सैनिक स्कूल सोसायटी के साथ मिलकर 100 स्कूल खोलने की योजना को मंजूरी पिछले साल दी थी। जिसमें प्राइवेट स्कूल, एनजीओ आदि भागीदारी कर सकते हैं।
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सरकार के अनुसार कक्षा 6 से शुरू होने वाले इन स्कूलों में साल 2022-23 में 5000 बच्चों को दाखिला दिया जाना है। यह स्कूल सैनिक स्कूल की तरह ही काम करेंगे। अभी देश में 33 सैनिक स्कूल हैं। उनमें कक्षा छह में हर साल 3000 बच्चे प्रवेश ले सकते हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षक वीके दुबे ने बताया कि शैक्षिक दृढ़ता, अनुशासन व मूल आधारित शिक्षा प्रदान किए जाने के उद्देश्य से सैनिक स्कूल की स्थापना की जा रही है। केंद्र सरकार ने नए सत्र के लिए आवेदन मांगे हैं। इसके तहत इच्छुक आवेदक https://sainikschool.ncog.gov.in इस लिंक के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे।
योजना के तहत सरकार से सहायता प्राप्त स्कूल, केवीएस, एनवीसी जैसे ऑटोनॉमस स्कूल, रक्षा और रेलवे मंत्रालय द्वारा सीधे तौर पर चलाए जा रहे स्कूल, किसी पब्लिक सेक्टर कंपनी द्वारा चलाए जा रहे स्कूल और प्राइवेट स्कूल, सैनिक स्कूल खोलने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
पूर्व सैनिक लंबे समय से कर रहे मांग
पूर्व सैनिक लंबे समय से सैनिक स्कूल की मांग कर रहे हैं। पूर्व सैनिक संगठन ने अपनी मांग इस क्षेत्र में रहने वाले कार्यरत व पूर्व सैनिक परिवारों को ध्यान में रखते हुए भारतीय सेना और रक्षा मंत्रालय के समक्ष रखी है। योजना व आवेदन संबंधी जानकारी के लिए 011-23011498 नंबर पर सैनिक स्कूल सोसायटी से संपर्क कर सकते हैं।
मिलेंगे ये फायदे
इन स्कूल को सरकार के ओर से फीस, ट्रेनिंग ग्रांट आदि के लिए वित्तीय सहयोग भी मिलेगा। यह सहायता मेरिट के आधार पर दी जाएगी। इसके अलावा सरकार को प्रतिष्ठित निजी और सरकारी स्कूलों में पहले से मौजूद संसाधनों का फायदा मिलेगा। ऐसे में स्कूल खोलना कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा।
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