कछौना। शनिवार को कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पंचायत टांडाहार में एक नवविवाहिता का शव फांदी के फंदे पर लटका मिला। मृतका की पांच दिन पहले शादी हुई थी।
शनिवार को उसे विदा कराने के लिए ससुराल वाले आ रहे थे। मायके वालों ने आत्महत्या का कारण पता नहीं होने के बाद कहते हुए किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया।
टांडाहार के मजरा खजोहना निवासी देशराज ने बताया कि बहन माधुरी की शादी नौ मई को हरियावां थाना क्षेत्र के कैमापुर निवासी चंद्रपाल के साथ की थी।
12 मई को वह बहन माधुरी को ससुराल से विदा कराकर मायके लाया था। गुरुवार रात वह खाना खाकर बरामदे में मां बिटरानी के साथ लेटी थी। शनिवार सुबह करीब पांच बजे मां की आंख खुली तो माधुरी नहीं दिखी।
कॉफी देर तक वह नहीं दिखी तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। इस दौरान एक कमरे का गेट खोलने का प्रयास किया तो अंदर से कुंडी बंद दिखी। देशराज ने बताया कि खिड़की से झांककर देखा तो अंदर टार्च जलती दिखी और वह फांसी पर लटक रही थी।
इस पर दरवाजा तोड़कर उसे नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने पूछताछ के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया।
परिजन आत्महत्या का कारण पता नहीं होने की बात कहते हुए किसी पर आरोप से इंकार किया है। कोतवाल संदीप सिंह ने बताया कि मायके वालों ने आरोप नहीं लगाया है। घटना की जांच उप निरीक्षक जितेंद्र सिंह को सौंपी है।
शनिवार को होनी थी विदाई
माधुरी की शादी को महज पांच दिन हुए थे। तीन दिन ससुराल में रहकर वह मायके आई थी। बताया जा रहा है कि शनिवार को उसकी विदाई थी। ऐसे में शादी के महज पांच दिन बाद माधुरी के आत्महत्या करने को लेकर ग्रामीणों में तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
हाथों की मेंहदी छूटने से पहले दी जान
महज पांच दिन पहले ब्याह कर ससुराल गई माधुरी वहां सिर्फ तीन दिन रुकी थी। चौथे दिन परिजन उसकी विदाई कराकर मायके ले आए थे। जहां से दो दिन बाद फिर से उसको विदा होकर ससुराल जाना था। अभी शादी के दिन उसके हाथों में लगाई गई मेंहदी तक नहीं छूटी थी। मेहंदी छूटने से पहले ही उसने जान दे दी।
फोटो-01- रोती बिलखती परिजन महिलाएं- फोटो : HARDOI