हरदोई। आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रमों के तहत शासन ने शहर से लेकर गांवों तक अमृत उद्यान स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इस क्रम में जिले में 1319 अमृत उद्यान बनाए जाएंगे।
इन उद्यानों की पांच वर्षों तक देखरेख एवं प्रबंधन की भी जिम्मेदारी होगी। इन उद्यानों की पौध बढ़ने के बाद लोगों को प्राणवायु मिलने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण भी होगा।
कार्ययोजना के अनुसार जिले की सभी ग्राम पंचायतों में एक-एक अमृत उद्यान बनाया जाएगा। इस उद्यान में 75 प्रकार के पौधे रोपित किए जाएंगे। एक पौधे की दूसरे पौधे की दूरी करीब नौ मीटर होगी।
ज्यादातर पौधे स्थानीय प्रजाति के होंगे। जिनका औषधीय महत्व होने के साथ ऑक्सीजन देने में खासा योगदान रहता है। इस तरह से जिले की 1306 ग्राम पंचायतों में एक-एक उद्यान स्थापित होगा।
इसके साथ ही जिले की 6 नगर पंचायतों और सात पालिका में भी ग्राम पंचायतों की तरह एक-एक अमृत उद्यान बनाया जाएगा। इन उद्यानों में कम से कम 750 पौधे रोपित किए जाएंगे।
इन अमृत उद्यानों की देखरेख एवं प्रबंधन का जिम्मा संबंधित ग्राम पंचायतों एवं नगर पंचायतों व नगर पालिकाओं का होगा। पांच वर्ष तक समुचित देखभाल के साथ ही पौधों की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम भी किए जाएंगे। उद्यानों को बनाने के लिए संबंधित विभाग स्थलों के चयन आदि से लेकर पौध रोपण की तैयारियां कर रहे हैं।
क्षेत्र उद्यान पौधे
ग्राम पंचायत 1306 97950
नगर पंचायत 06 450
नगर पालिका 07 5250
योग 1319 103650
नोट- सभी आंकड़े मिली जानकारी पर आधारित
इन प्रजातियों के लगेंगे पौधे
बरगद, पीपल, पाकड़, गूलर, अशोक, नीम, आम, हरड़, बहेडा, बेल, महुआ, सहजन, आंवला, जामुन, शीशम, इमली, अर्जुन, जामुन आदि प्रजाति के पौधे स्थानीय कृषि जलवायु के अनुसार संबंधित क्षेत्रों में रोपित किए जाएंगे। इसके लिए स्थानीय कृषि जलवायु के अनुरूप कृषि वैज्ञानिकों एवं उद्यान विभाग के परामर्श अनुसार संबंधित क्षेत्रों में पौधों का चयन किया जा सकेगा । इन पौधों में कई का औषधीय महत्व भी है। ऐसे में अमृत उद्यान में लगने वाले पौधे पेड़ बनने के बाद ऑक्सीजन बढ़ाने के साथ ही औषधीय रूप में भी उपयोगी साबित होंगे।
वर्जन
शासन के निर्देश पर अमृत उद्यानों के लिए कार्ययोजना बन चुकी है। इन उद्यानों को बनाने का कार्य संबंधित ग्राम पंचायतों और नगर निकायों को करना है। वन विभाग की ओर से नियमानुसार पौध उपलब्ध कराई जाएगी। - रविशंकर शुक्ला, डीएफओ