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मयंक हत्याकांड में जज ने पांचों अभियुक्तों को दोषी ठहराया

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हरदोई। शहर कोतवाली क्षेत्र के चांद बेहटा के चर्चित मयंक हत्याकांड में अपर सत्र न्यायाधीश अबुल कैश ने सभी पांच अभियुक्तों को दोषी करार दिया है। अदालत ने अभियुक्तों को सजा सुनाने के लिए 18 मई की तारीख तय की है।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के लखनऊ रोड के पास एफसीआई चांद बेटहा निवासी सत्येंद्र त्रिवेदी ने 8 अप्रैल 2013 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उनके नौकर शक्ति दीन की जमीन ग्राम बहलोली के पास है।
आठ अप्रैल की सुबह नौ बजे वह मजदूरों से वहां काम करवा रहे थे। उनके साथ सुरेश चंद्र शुक्ला, प्रशांत शुक्ला, अविनाश त्रिवेदी उर्फ सत्येंद्र, शादाब, स्वर्ण दीप शुक्ला उर्फ रोहित, मयंक शुक्ला और शुभम बाजपेयी भी थे।
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इस दौरान प्रमोद सिंह निवासी रामनगरिया लखनऊ रोड वहां आए। उनसे जमीन को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद आरोपी मयंक शुक्ला को अपने चाचा व ताऊ से मिलवाने की बात कहकर ग्राम बहलोली स्थित फ्लोर मिल लेकर गया।
मयंक के फ्लोर मिल गेट पर पहुंचते ही अशोक सिंह, हरिनाम सिंह और मास्टर उसे गाली देने लगे। शोरगुल सुनकर सत्येंद्र त्रिवेदी व शादाब मयंक की ओर दौड़े।
जब तक वह लोग पहुंचते हरिनाम सिंह ने अपनी राइफल से मयंक को गोली मार दी। फायरिंग में सत्येंद्र त्रिवेदी भी घायल हो गए। घटना के बाद अभियुक्त भाग गए।
आसपास के लोगों ने उन लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने मयंक को मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी।
अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता सूरजपाल सिंह, केके अवस्थी और अधिवक्ता रामदेव शुक्ला ने पैरवी की। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने अभियुक्त ग्राम बहलोली निवासी अशोक सिंह, हरिनाम सिंह, अरुणेश सिंह, लखनऊ रोड निवासी प्रमोद सिंह और मास्टर को दोषी करार दिया। इसके साथ ही न्यायाधीश ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 18 मई की तारीख तय कर दी।
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