फोटो-33- हरपालपुर सीएचसी में नवजात शिशु की स्वास्थ्य जांच करते चिकित्सक डॉक्टर अजीत मणि
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हरपालपुर। अरवल थाना क्षेत्र के नंदना गांव में एक भूसा भरी बोरी में बंद करके नवजात को बाग में फेंक दिया गया। बाग में खेल रहे बच्चों ने नवजात के रोने की आवाज सुन परिजनों को जानकारी दी।
ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने नवजात को सीएचसी में भर्ती कराया। जहां डॉक्टर ने नवजात की हालत नाजुक होने पर उसे चाइल्ड लाइन टीम के सुपुर्द कर जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
नंदना गांव के बाहर आम का एक बाग है। बुधवार की दोपहर बाग में बच्चे खेलने गए थे। खेलते समय बच्चों ने बाग के किनारे पड़ी एक बोरी में नवजात के रोने की आवाज सुनाई पड़ी।
बच्चों ने इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी। सूचना मिलने पर गांव निवासी सूरजपाल मौके पर पहुंचे, उन्होंने भूसे से भरी बोरी में बंद नवजात को बाहर निकाला।
इसके बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने नवजात को सीएचसी में भर्ती कराया। जहां पर डॉक्टरों ने उसकी जांच की। पुलिस ने नवजात के मिलने की सूचना चाइल्ड लाइन टीम को दी। डॉ.अजीत मणि ने नवजात की जांच की और हालत नाजुक होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया।