हरदोई। बुधवार को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो ने सात साल पहले किशोरी से हुए दुष्कर्म में मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश न्यायाधीश ने दिया है।
मझिला थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी आशीष पर वर्ष 2015 में गांव के एक व्यक्ति ने अपनी नाबालिग पुत्री से दुष्कर्म का आरोप लगाया था। तहरीर में कहा था कि वह अपनी रिश्तेदारी में गया था।
इस बीच आशीष ने उसकी 14 वर्षीय पुत्री को घर में अकेला पाकर तमंचे का डर दिखाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। दो दिनों तक दुष्कर्म करने के बाद उसे मुंह न खोलने की धमकी देकर चला गया।
पुत्री जब गर्भवती हुई तब यह मामला खुला। पिता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्जकर आरोपी युवक के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की।
इसकी सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश दीपक यादव कर रहे थे। मंगलवार को न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी मानते हुए पुलिस हिरासत में लेने का आदेश देने के साथ ही फैसला सुरक्षित कर लिया था।
अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक मनीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बुधवार को न्यायाधीश ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा व एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।