हरदोई। कोरोना काल में शुक्रवार को भले ही शहर में कोरोना कर्फ्यू जारी रहा हो पर जरूरतों को देखते हुए शहरवासी कोरोना के भय को भूल दुकानों पर नजर आए। आवश्यक दुकानों की वस्तुओं के अलावा कापी किताब से लेकर कूलर पंखे की दुकान पर भी बिक्री होती दिखी...। संवाद
फोटो-10-रोडवेज बस स्टेशन के पास सुबह फुटपाथ पर लगी दुकान पर कपड़ों की खरीदारी करते लोग। संवाद
फुटपाथ पर बिना रोक टोक सजी रही दुकान
रोडवेज बस स्टेशन के पास सुबह 11 बजे तक ही नहीं बल्कि उसके बाद भी फुटपाथ पर बाकायदा कपड़ों की दुकान सजी रही। दुकान पर दिन में कई कई बार ग्राहकों की भीड़ लगती दिखाई दी लेकिन कोई रोकने टोकने वाला नहीं दिखा।
फोटो-11- महात्मा गांधी मार्ग पर इलेक्ट्रानिक की दुकान पर पंखों की खरीदारी करते लोग। संवाद
लेओ भाई, पंखा कूलर की भी सजी दुकान
भले ही आवश्यक वस्तुओं की दुकानों को 11 बजे तक खोले जाने के निर्देश हो पर शहर में इन नियमों को मानने वालों की कमी है। जिसके बाद नतीजा ये दिखा कि शहर भर में पंखा कूलर के अलावा अन्य दुकानें न सिर्फ खुली दिखीं बल्कि उन पर बिक्री भी होती दिखी।
फोटो-12-शहर में कॉपी किताबों की दुकानों पर लगी भीड़। संवाद
कोरोना नहीं बच्चों का भविष्य भी देखना है
शहर में शुक्रवार को कॉपी किताबों की भी दुकानें खुली जिसमें सुबह से ही भीड़ देखने को मिली। भीड़ को लेकर जब दुकानदार ने यहां तक कह दिया कि भइया भीड़ न लगाओ, एक एक करके आओ तो अभिभावक भी यह बोले उठे कि अरे कोरोना ही नहीं बल्कि बच्चों का भविष्य भी देखना है।
फोटो-13-घंटाघर रोड पर इंडियन बैंक के बाहर लगी ग्राहकों की भीड़। संवाद
बैंक हो या एटीएम, बस पैसा निकालने की जल्दी
जरूरतें लोगों पर किस तरह हावी हैं इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बैंक हो या एटीएम लोगों को बस पहले ही प्रवेश करने की जल्दी है। शुक्रवार को घंटाघर रोड वाली इंडियन बैंक के बाहर लगी ग्राहकों की भीड़ को देखते हुए सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि कोरोना संक्रमण से लोगों को कोई लेना देना नहीं बस देखनी है तो जरूरत।