हरदोई। टड़ियावां थाना क्षेत्र में करंट से जीजा की मौत और भांजे के गंभीर रूप से झुलसने से आहत साले ने फांसी लगाकर जान दे दी। जहां जीजा की मौत हुई थी गुरुवार सुबह उसे खेत के पास में उसका शव फांसी पर लटका मिला।
एक साथ तीन लोगों की मौत होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने बिजली विभाग की लापरवाही से घटना का आरोप लगाते हुए मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा किया। अफसरों ने ग्रामीणों को समझाकर शांत किया।
ग्राम पंचायत ककरहा के मजरा पुरवा देवरिया निवासी वीरपाल बुधवार रात बेटे अनुराग व गांव के सत्येंद्र के साथ खेत पर गेहूं की फसल काटने जा रहा था। रास्ते में टूटे पड़े हाईटेंशन लाइन के तार की चपेट में आने से वीरपाल व सत्येंद्र की मौके पर मौत हो गई थी।
जबकि अनुराग झुलस गया था। बताया जा रहा है कि वीरपाल का साला रमेश (32) निवासी रावल थाना टड़ियावां भी ककरहा में जीजा के यहां रहता था। जीजा की मौत और भांजे की हालत गंभीर होने से वह आहत हो गया।
देर रात उसने भी जिस खेत में घटना हुई थी उसी के निकट खड़े नीम के पेड़ में साड़ी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। गुरुवार सुबह करीब 5 बजे खेतों की तरफ पहुंचे किसानों ने उसका शव लटका देख पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने परिजनों से पूछताछ के उसका शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जहां दोपहर बाद तीनों शवों का पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद परिजनों को शव सौंप दिए गए। कोतवाल राजदेव मिश्रा ने बताया कि मृतक वीरपाल की पत्नी आशा की तहरीर पर बिजली विभाग के अफसरों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
मुआवजे की मांग को लेकर किया हंगामा
घटना की जानकारी पर कोतवाल राजदेव मिश्रा टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस को देखते ही ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। वह इन हादसों के लिए बिजली विभाग को जिम्मेदार बताते हुए मुआवजे की मांग करते हुए हंगामा करने लगे।
कोतवाल ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन कोई नहीं माना। सूचना पर सदर तहसीलदार डॉ. प्रतीत त्रिपाठी, कानूनगो और लेखपाल ने मौके पर पहुंच कर मुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत कराया।
शिकायत के बाद भी नहीं सही की लाइन
ककराहा प्रधान अरविंद कुमार ने बताया कि तार काफी दिनों से नीचे लटके थे। इसकी कई बार शिकायत की गई। इसके बाद भी लाइन को सही नहीं किया गया। उनका कहना है कि यदि जल्द से जल्द इन लाइनों को सही नहीं किया गया, तो ग्रामीणों के साथ डीएम कार्यालय के बाद धरना देंगे।