हरदोई। बहुचर्चित कोषागार पेंशन घोटाला में वसूली के लिए तहसील प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। वसूली रकम जमा कराने के लिए पांच लोगों को तहसील प्रशासन ने हिरासत में लिया है।
मामले में मुख्य आरोपी सहित 61 के खिलाफ वसूली की आरसी जारी है। इसमें रोज तहसील प्रशासन की छापामारी चल रही है। एडीएम भी इस मामले में स्वयं मोर्चा संभाल लिया हैं।
सरकारी पैसे की वसूली के लिए हाकिमों के कड़क रुख के आगे वो लोग गिड़गिड़ा रहे हैं जिनके खातों को इस्तेमाल इस पूरे घोटाले को अंजाम दिया गया है।
तहसीलदार सदर प्रतीक त्रिपाठी ने बताया कि आरसी की धनराशि न जमा करने वालों को जेल भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि इस मामले में पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है। कुछ लोग मोहलत मांग रहे हैं। नियमानुसार पैसा न जमा करने पर जेल भेजने के लिए कोतवाली शहर को पत्र भेजा जाएगा।
बता दें कि कोषागार में पेंशन के नाम के अलग-अलग बैंक खातों में फर्जी तरीके से धनराशि भेजकर घोटाला किया गया था। मामले में कोषागार के कर्मचारियों समेत मुख्य आरोपी जेल भेज दिए गए थे।
मुख्य आरोपी की संपत्तियों की कुर्की के साथ नीलाम की जा चुकी है। तहसील प्रशासन के मुताबिक पूरे मामले में मुख्य आरोपी सहित 61 लोगों के खिलाफ करीब 5 करोड़ 45 लाख 88 हजार की आरसी जारी हुई थी।
इसक्रम में सरकार के खजाने में करीब तीन करोड़ की धनराशि वसूल हो चुकी है। शेष धनराशि की वसूली के लिए संबंधित लोगों की धर पकड़ जारी है। तमाम लोग घरों से फरार हैं।
एडीएम वंदना त्रिवेदी ने कहा कि ऐसे लोगों के बारे में जानकारी जुटाने एवं उनकी संपत्ति आदि का पता लगाने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। इनकी संपत्तियों को कुर्क करने की तैयारी चल रही है।
विभागीय कर्मचारियों के अनुसार एडीएम दीक्षा जैन स्वयं पूरे मामले में वसूली के दायरे में चल रहे लोगों के खिलाफ सर्च अभियान चला रहीं हैं। तहसीलदार प्रतीक त्रिपाठी ने बताया कि दो दिनों में पांच लोगों को हिरासत में लिया गया था। जो लोग पैसा नहीं जमा करेंगे उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।