हरदोई। एक आंख से दिव्यांग 90 वर्ष बुजुर्ग ने लाइसेंसी राइफल से अपनी बहू की गोली मारकर हत्या करने के मामले में शस्त्र अनुभाग के नवीनीकरण के खेल की पोल खोल दी है।
मेडिकल में अनफिट बुजुर्ग का लाइसेंस नवीनीकरण होता रहा। वहीं जिम्मेदार इससे अंजान बने रहे। अब पुलिस घटना के विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है।
बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के गांव सैदपुर निवासी गफूर (90) एक आंख से दिव्यांग है। उसे सुनाई भी कम देता है। उसके नाम लाइसेंसी राइफल थी। 15 वर्ष पहले गफूर की एक आंख में माढ़ा आ गया था।
इसके बाद से उसे एक आंख से दिखाता नहीं है। मेडिकल में अनफिट होने के बाद भी उसके शस्त्र लाइसेंस का लगातार नवीनीकरण होता रहा। पुलिस के मुताबिक वर्ष 2019 में उसने लाइसेंस का नवीनीकरण कराया था।
लाइसेंस के नवीनीकरण के खेल में जिम्मेदार कुछ भी बताने को तैयार नहीं हैं। कहना है कि हाल में हुए विधानसभा चुनाव में पुलिस ने उसकी राइफल जमा कराई थी।
आचार संहिता समाप्त होने के बाद वह थाने से राइफल उठा लाया था। सीओ हरपालपुर अशोक त्रिपाठी ने बताया कि वर्ष 2019 में लाइसेंस के नवीनीकरण कराए जाने की बात सामने आई है। लाइसेंस धारक के दिव्यांग होने व इसके बाद नवीनीकरण कराए जाने आदि के बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
ोटो-31- घटनास्थल पर जांच करते पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी- फोटो : HARDOI