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गोपामऊ पीएचसी में 166 की हुई स्क्रीनिंग, क्वारंटीन सेंटर में एक भी नहीं

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हरदोई के नूरजहां डिग्री कालेज, गोपामऊ में सूना पड़ा क्वारंटीन सेंटर। - फोटो : HARDOI
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गोपामऊ (हरदोई)। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए चल रही कवायद के बीच कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों की लापरवाही भी सामने आ रही है। 25 मार्च को लॉकडाउन होने के बाद गैर जनपदों और प्रांतों से आए 166 लोगों की जांच गोपामऊ स्थित न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कराई गई, लेकिन कस्बे के नूरजहां डिग्री कालेज में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर में एक भी व्यक्ति मौजूद नहीं है। खास बात यह है कि इस मामले में पूछे जाने पर एक दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं।
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शासन के निर्देश पर डीएम पुलकित खरे ने सख्त निर्देश दिए थे कि गैरजनपदों और प्रांतों से आने वाले हर व्यक्ति की थर्मल स्क्रीनिंग जरूर की जाए। इसी क्रम में 25 मार्च के बाद घरों को लौट रहे लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग का सिलसिला सभी न्यू पीएचसी और सीएचसी के साथ ही जिला अस्पताल में भी चल निकला था। गोपामऊ कस्बे की न्यू पीएचसी में 25 मार्च से अब तक बाहर से घरों को लौटे 166 लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। जिला प्रशासन के निर्देशों के मुताबिक इन सभी को क्वारंटीन सेंटरों में रखा जाना था, लेकिन गोपामऊ कस्बे के नूरजहां डिग्री कालेज में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर में गुरुवार तक कोई पहुंचा ही नहीं।
उधर दूसरी ओर राजस्व विभाग ने गैर जनपदों और प्रांतों से आए लोगों की एक सूची तैयार की, जिसमें गोपामऊ कस्बे के एक ही मोहल्ले के 34 लोगों के नाम दर्ज हैं। यह सूची अधिशासी अधिकारी के पास भेजे जाने का दावा लेखपाल और कानूनगो ने किया। ग्रामीणों में चर्चा है कि इन 34 लोगों की सूची में कई नाम ऐसे भी हैं, जो लंबे समय से दिल्ली तो क्या हरदोई से भी बाहर नहीं गए। कहीं न कहीं फोन पर ही सूची तैयार कर लेने की बात भी चर्चाओं में है।
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गोपामऊ नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी श्वेता सिंह का कहना है कि क्वारंटीन सेंटर पर लोगों को लाने और रखने की व्यवस्था राजस्व विभाग को करनी है। नगर पंचायत को क्वारंटीन सेंटर बनाए गए परिसर को सैनिटाइज कराने के निर्देश मिले हैं और पूरे नूरजहां डिग्री कालेज परिसर को सैनिटाइज करा दिया गया है।
अपर जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि क्वारंटीन सेंटर में बाहर से आए लोगों को रखा जाना है। अगर जानकारी होने के बाद भी क्वारंटीन सेंटर खाली है तो इसके लिए संबंधित कर्मचारी के साथ ही गैर जनपदों और प्रांतों से आए लोग भी जिम्मेदार हैं। शुक्रवार को ही इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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