कछौना। नगर पंचायत कछौना पतसेनी बोर्ड की बैठक बुलाई तो नगर के विकास को लेकर गई थी, लेकिन विकास कार्यों के प्रस्ताव पास होने से पहले ही विवादों में घिर गई।
बैठक को लेकर ईओ और अध्यक्ष आमने सामने आ गए। इसके बाद ईओ बैठक को बीच में छोड़कर चली गईं। उन्होंने बताया कि बाहरी लोगों ने उनके साथ अभद्रता की है। वहीं अध्यक्ष ने ईओ पर अपमानित करने का आरोप लगाते हुए कोतवाली में तहरीर दी है।
नगर पंचायत कछौना बोर्ड की बैठक ब्लॉक संसाधन केंद्र पर शनिवार को आयोजित की गई। इसमें विधान परिषद सदस्य अशोक अग्रवाल और क्षेत्रीय विधायक रामपाल वर्मा भी पहुंचे।
बैठक में सभी सदस्यों व नगर पंचायत अध्यक्ष मीनू ने ईओ रेणुका पर फोन ना उठाने का आरोप लगाया। इस पर विधायक और एमएलसी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए ईओ रेणुका यादव को निर्देशित किया कि जनप्रतिनिधियों का फोन उठाएं और उनकी समस्याओं का निदान कराएं।
कुछ सभासदों ने स्ट्रीट लाइट की जानकारी न देने का आरोप लगाया तो नामित सभासद ब्रम्ह कुमार ने पुराने प्रस्तावों पर ऐतराज जताया। सभासद सुषमा सिंह ने शव वाहन को ठीक कराने का मुद्दा उठाया। हैंडपंप ठीक न कराये जाने को लेकर सवाल खड़े किए।
सभासद रंजीत गौतम ने एक लिपिक की कार्यशैली पर सवाल उठाए। जिस पर विधायक ने कार्यशैली पर सुधार लाने के निर्देश दिए। इसके बाद विधायक एवं एमएलसी चले गए।
दोनों के जाने के बाद ईओ और सभासदों के बीच शुरू हुई बातचीत के दौरान हंगामा हो गया। इस बीच बैठक छोड़कर ईओ चली गईं। ईओ रेणुका यादव ने बताया कि बाहरी लोगों ने आपत्तिजनक टिप्पणी करनी शुरू कर दी, जिसके चलते वह मजबूर होकर बैठक से निकल आईं।
जब तक विधायक मौजूद रहे, बैठक ठीक तरह से चली, उनके जाने के बाद अभद्रता की गई। यह कहते कहते ईओ फूट फूट कर रोने लगीं, कहा पहले अभद्रता कराई फिर एससी एक्ट में मुकदमा लिखवाने की धमकी दी गई।
नगर पंचायत अध्यक्ष मीनू ने पूरे मामले में ईओ पर ही अभद्रता करने एवं जाति सूचक गालियां देने आदि के आरोप लगाते हुए कोतवाली में तहरीर दी है। कोतवाल संदीप सिंह ने बताया कि तहरीर मिली है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।