बघौली। बच्चों में गणित विषय का हौवा न बने या फिर गणित का नाम सुनते ही यह बहुत कठिन विषय है। यह सोच कर ही बच्चे न डरें। इसे लेकर शिक्षकों को प्रयास करना चाहिए।
भाषा या गणित का ज्ञान कराने में प्रिंट रिच सामग्री की मदद ली जा सकती है। ब्लाक संसाधन केंद्र अहिरोरी में आधार शिला कार्यक्रम, समृद्ध पुस्तिका (रीमीडियल टीचिंग प्लान) एवं गणित विषय पर आधारित दो दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ करते हुए बीईओ चंद्र शेखर ने उक्त बात कही।
उन्होंने प्रधानाध्यापकों व शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों से यदि सीधे तौर पर पहाड़ा याद करने को कहा जाए तो शायद देर लगे या न याद कर पाएं लेकिन चार्ट पर लिखकर उन्हें दिखाया जाए और सामूहिक याद कराया जाए तो याद हो सकता है।
प्रिंट रिच सामग्री इस तरह की मदद शिक्षकों व बच्चों की करती है। एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) राममूर्ति ने प्रिंट रिच सामग्री का कैसे प्रयोग करने हैं। इसकी बारीकी से जानकारी दी।
की रिसोर्स पर्सन (केआरपी) विवेक मिश्र व संजीव मिश्र ने आधार शिला के भाषा शिक्षण व गणित शिक्षण पर प्रकाश डाला। इस मौके पर एआरपी सुनील यादव, महेश प्रसाद, आशीष चंदेल, शैलेंद्र शर्मा, आशीष श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।
टडिय़ावां ब्लाक को बनाना है प्रेरक
हरदोई। ब्लॉक संसाधन केंद्र टडियावां, हरदोई में मिशन प्रेरणा के अंतर्गत दो दिवसीय प्रशिक्षण में बीईओ डा. सत्य प्रकाश यादव ने कहा कि मिशन प्रेरणा के प्रथम चरण में ब्लॉक संसाधन केंद्र टडियावां को प्रेरक ब्लॉक बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
प्रशिक्षक अभिषेक मिश्र ने बताया कि एक वर्ष तक कोविड-19 के कारण बच्चे विद्यालय नहीं आ पा रहे हैं। इसीलिए इन परिस्थितियों का मुकाबला करने के लिए विद्यालय खुलने पर 16 सप्ताह तक विशेष समय सारिणी के माध्यम से हिंदी भाषा एवं गणित पर विशेष फोकस करते हुए बच्चों के लर्निंग गैप को भरा जाना है।
इसी को देखते हु आधारशिला क्रियान्वयन संदर्शिका, सहज व समृद्ध हस्त पुस्तिका, प्रिंट रिच सामग्री एवं गणित किट आधारित प्रशिक्षण प्रारंभ हुआ है। प्रशिक्षण में प्रशिक्षक विवेक गुप्ता, अभिषेक मिश्र, बीना वर्मा, मोनपाल वर्मा, प्रीति वर्मा आदि ने जानकारी दी।