हरदोई। भरावन विकास खंड की ग्राम पंचायत लोधौरा में पंचायत भवन का निर्माण कराए बिना ही भुगतान निकाल लिए जाने और फिर दूसरी जगह भवन निर्माण शुरू कराने के मामले में सीडीओ ने डीएम के निर्देश पर जांच कमेटी गठित कर दी है। मनरेगा उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल की अध्यक्षता में बनाई गई कमेटी से तीन दिन के अंदर स्थलीय सत्यापन कर स्पष्ट आख्या मांगी गई है। कमेटी गठित होने की जानकारी से अनियमितताओं में शामिल रहे अधिकारियों और कर्मचारियों में खलबली मची है।
भरावन की ग्राम पंचायत लोधौरा में पंचायत चुनाव से पहले पंचायत भवन का निर्माण शुरू हुआ था। नींव स्तर तक बने पंचायत भवन के लिए छत स्तर तक का भुगतान खंड विकास अधिकारी और लेखाकार ने ग्राम प्रधान की मिली भगत से कर दिया था। लगभग पांच लाख 35 हजार रुपये का भुगतान किया गया था। पंचायत चुनाव के बाद प्रधान बदलने पर नए सिरे से दूसरी जगह पंचायत भवन का निर्माण गुपचुप शुरू करा दिया गया था। अमर उजाला ने पूरे खेल का खुलासा कर दिया था। खबरों को संज्ञान में लेकर डीएम अविनाश कुमार ने सीडीओ के माध्यम से आख्या तलब की। इसके बाद अब सीडीओ आकांक्षा राना ने तीन सदस्यीय समिति पूरे प्रकरण की जांच के लिए बना दी है। उपायुक्त मनरेगा प्रमोद सिंह चंद्रौल के अलावा भूमि संरक्षण अधिकारी प्रथम और राष्ट्रीय जल प्रबंधन योजना के सहायक अभियंता को टीम में शामिल किया गया है। पंचायत भवन के संबंध में हुए भुगतान को लेकर स्पष्ट आख्या तीन दिन के अंदर सीडीओ ने तलब की है।
मामला निपटाने के लिए अब एकजुट हुए गोलमाल करने वाले
लोधौरा में हुई अनियमितता को लेकर डीएम और सीडीओ के सख्त रुख के बाद इसमें शामिल लोगों में खलबली मची हुई है। सूत्रों की माने तो मामला निपटाने के लिए गोलमाल करने वाले लोग ही एकजुट हो गए हैं। पूरे मामले में ठीकरा तत्कालीन प्रधान और ग्राम सचिव पर फोड़ने की रणनीति भी बन रही है। इसको लेकर गोलमाल करने वाले लोगों की एक बैठक भी बुधवार को एक स्थान पर प्रस्तावित थी, लेकिन फिर इसका स्थान ब्लाक मुख्यालय से बदलकर दूसरी जगह कर दिया गया।