हरदोई। सांडी विकास खंड में गत वित्तीय वर्ष में मनरेगा से सामग्री अंश के लिए किए गए एक करोड़ रुपये से अधिक के भुगतान की पत्रावली उच्चाधिकारियों को दिखाने में ब्लाक के जिम्मेदार हिचक रहे हैं। बीती छह अगस्त को ब्लाक में निरीक्षण के लिए पहुंचे मनरेगा उपायुक्त को इस पत्रावली नहीं दिखाई गई थी और 10 अगस्त को जिला मुख्यालय पर आकर पत्रावली दिखाने की बात कही गई थी। 10 अगस्त बीत जाने के बाद भी यह पत्रावली मनरेगा सेल को उपलब्ध नहीं कराई गई है। और तो और अब तक मनरेगा उपायुक्त को भी इसकी कोई जानकारी ब्लाक के जिम्मेदारों ने नहीं दी है।
बीती छह अगस्त को मनरेगा उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल ने सांडी ब्लाक मुख्यालय का निरीक्षण किया था। यहां उन्होंने मनरेगा संबंधी पत्रावली देखी थीं। सांडी विकास खंड में मनरेगा के सामग्री मद में एक करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किए जाने की जानकारी पर उपायुक्त ने इसकी पत्रावलियां मांगी थीं, लेकिन लेखाकार और कार्यालय सहायक पत्रावली नहीं दिखा पाए थे। वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति पंजिका, मस्टर रोल निर्गत पंजिका, एमबी निर्गत पंजिका, ग्राम पंचायत वार कार्य योजना, ग्राम पंचायत वार हुए भुगतान की पत्रावलियां भी नहीं दिखाई गई थीं। मनरेगा उपायुक्त ने उक्त सभी अभिलेख लेकर दस अगस्त को जिला मुख्यालय पर मनरेगा सेल में तलब किया था। इसके बावजूद न तो पत्रावली दिखाई गई और न ही अभिलेख परीक्षण के लिए भेजे गए।
मनरेगा उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल ने बताया कि अनुस्मारक (रिमाइंडर) जारी किया जा रहा है। अभिलेख जल्द न दिखाए तो आगे विभागीय कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।