हरदोई। जिले के सभी विकास खंडों की दो दो ग्राम पंचायतों में ठोस तरल अपशिष्ट प्रबंधन किए जाने की कवायद शुरू हो गई है। मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा राना ने यूनीसेफ की टीम के साथ सुरसा विकास खंड की ग्राम पंचायत देवरिया में बैठक की। इस दौरान प्रबंधन में महिलाओं की भूमिका को लेकर भी जागरूकता लाए जाने पर चर्चा की गई।
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण और यूनीसेफ के संयुक्त तत्वावधान में ठोस तरल अपशिष्ट प्रबंधन का काम शुरू किया जा रहा है। मॉडल के रूप में सुरसा विकास खंड की ग्राम पंचायत देवरिया और शाहाबाद विकास खंड की ग्राम पंचायत पहेड़ा रसूलपुर में कार्य कराने का निर्णय हुआ है। मंगलवार को ग्राम पंचायत देवरिया में सीडीओ आकांक्षा राना ने यूनीसेफ के प्रदीप श्रीवास्तव और श्रुति पांडेय के साथ बैठक की। बैठक में महिलाओं की भूमिका को लेकर जानकारी दी गई। अपशिष्ट प्रबंधन में महिलाओं की भूमिका अहम होने की बात कहते हुए महिलाओं को बारीकियां भी बताई गईं। उधर दूसरी ओर पहेड़ा रसूलपुर में विकास सिंह और अजीत कुमार ने यूनीसेफ की ओर से कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।