हरदोई। बारिश न होने से परेशान किसान जैसे तैसे अन्य संसाधनों से खेतों में पानी भरकर धान की बुवाई कर रहे हैं, लेकिन यहां भी उनकी परेशानी कम नहीं हो रही है। धान की पौध रोपने के बाद छुट्टा मवेशियों के झुंड खेत में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। परेशान किसानों ने छुट्टा मवेशियों को पकड़ कर पशु आश्रय स्थलों में बंद कराए जाने की मांग की है।
गर्मी का मौसम अपने चरम पर है, बारिश भी समय से नहीं हो रही है। ऐसे में धान की बुवाई करने वाले किसानों को पौध रोपाई में खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान जैसे तैसे ट्यूबवेल व पंपिंग सेट आदि से खेतों में पानी भरकर धान की पौध रोप रहे हैं। अब सबसे बड़ी मुसीबत रोपी गई धान की पौध को सुरक्षित रख पाना साबित हो रहा है। किसानों का कहना है कि क्षेत्र में छुट्टा मवेशियों की खासी भरमार है। छुट्टा मवेशी खेतों में घुसकर फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऐसी ही स्थिति रही तो धान की पैदावार पर खासा प्रभाव पड़ेगा।
मझिला गांव निवासी राधेश्याम त्रिपाठी, प्रभाकर, हरिपाल, श्याम मोहन सिंह, मुनेश्वर, शत्रुघ्न, नरेश व बलबीर सिंह आदि ने बताया कि पहले तो बारिश ने किसानों की मुश्किल में डाल रखा है। जैसे तैसे पानी लगाकर धान की पौध खेत में रोप दी गई है, लेकिन अब छुट्टा मवेशियों का बढ़ता दखल परेशानी का सबब बना हुआ है। बताया कि सुबह से शाम तक और रात में भी मवेशियों के झुंड के झुंड खेतों में आकर पौध को खा जाते हैं। धान की पौध बचाने के लिए किसान खेतों में डेरा डाले हुए हैं। पौध को सुरक्षित बचा पाना मुश्किल हो चला है। बताया कि जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों से कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक छुट्टा मवेशियों को पकड़ कर पशु आश्रय नहीं भिजवाया गया है। किसानों ने छुट्टा पशुओं को पकड़ कर पशु आश्रय स्थल में बंद कराए जाने की मांग की है।