फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरदोई: किशोरी की तलाश में पिता और चार भाइयों का होगा लाई डिटेक्टर टेस्ट, कोर्ट की मंजूरी; पांचों गाजियाबाद में

Sat, 14 Mar 2026 12:32 AM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई

सार

न्यायालय की अनुमति से पुलिस ने पांच लोगों का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने का निर्णय लिया है। सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय में बृहस्पतिवार रात मेडिकल कराने के बाद पुलिस टीम किशोरी के पिता और चार भाइयों को टेस्ट के लिए गाजियाबाद ले गई है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : AI Generated
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लोनार कोतवाली क्षेत्र के एक गांव से सात माह से लापता किशोरी की तलाश को लेकर बड़ा निर्णय हुआ है। न्यायालय की अनुमति से पुलिस ने पांच लोगों का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने का निर्णय लिया है। सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय में बृहस्पतिवार रात मेडिकल कराने के बाद पुलिस टीम किशोरी के पिता और चार भाइयों को टेस्ट के लिए गाजियाबाद ले गई है।

विज्ञापन


लोनार कोतवााली क्षेत्र की रहने वाली एक किशोरी पांच अगस्त 2025 को घर से चारा लेने की बात कहकर निकली थी। देर शाम तक किशोरी वापस घर नहीं आई। इस पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। तलाश करने पर भी कोई सुराग न मिलने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। 

इस पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण और बहलाकर ले जाने की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। मामले की विवेचना के सात माह से अधिक बीत जाने के बाद भी पुलिस किशोरी का कोई सुराग नहीं लगा पाई। सर्विलांस समेत मुखबिरों के जाल के जरिए भी किशोरी का पता लगाने की कोशिश हुई, लेकिन पुलिस को निराशा ही हाथ लगी। 
विज्ञापन


विवेचना कर रहे सीओ हरपालपुर सतेंद्र सिंह ने किशोरी का सुराग जुटाने के लिए किशोरी के पिता और चार भाइयों का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की अनुमति सीजेएम से मांगी थी। विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि अनुमति मिलने के बाद किशोरी के पांचों परिजनों का मेडिकल बृहस्पतिवार रात सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय में मेडिकल कराया गया। इसके बाद पुलिस टीम पांचों को लेकर लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने गाजियाबाद चली गई।

बदले जा चुके चार विवेचक, अब सीओ कर रहे जांच
किशोरी की तलाश के लिए में नाकामी मिलने पर चार विवेचक बदले जा चुके हैं। मामला दर्ज होने पर विवेचना उपनिरीक्षक दिनेश मिश्रा को दी गई थी। बाद में विवेचना तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक अजय गौतम को दी गई। अजय गौतम के निलंबित होने पर प्रभारी निरीक्षक बनाए गए प्रेम सागर सिंह को विवेचना सौंपी गई। उनके लाइन हाजिर होने के बाद मौजूदा प्रभारी निरीक्षक राकेश यादव ने इसमें विवेचना की। फिर भी सफलता न मिलने पर अब सीओ हरपालपुर सतेंद्र सिंह मामले की विवेचना कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें