थाना क्षेत्र के ग्राम गौराडांडा निवासी बैंक मित्र की गला दबाकर हत्या कर दी गई। उसका शव शनिवार सुबह गौराडांडा और बरबटापुर के बीच गन्ने के खेत में पड़ा मिला।
वह शुक्रवार शाम से लापता था। परिजनों के अनुसार मृतक का बैग व मोबाइल गायब है। एसपी ने मौके पर पहुंचकर लोगाें से पूछताछ की। मृतक के पिता की तहरीर पर अज्ञात के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
गौराडांडा निवासी गौरव अवस्थी (25) पुत्र शिव सागर अवस्थी टड़ियावां स्थित केनरा बैंक में बैंक मित्र था। शुक्रवार शाम लगभग साढ़े चार बजे वह बैंक से घर जाने के लिए बाइक से निकला था।
इसके बाद उसका पता नहीं चला। शाम सात बजे से परिजनों ने उसे तलाशना शुरू किया। शनिवार सुबह छह बजे उसकी बाइक गौराडांडा और बरबटापुर के बीच सड़क पर ही खड़ी मिली। बाइक पर ही उसका हेलमेट भी रखा था। पास ही खेत में उसका शव गन्ने के खेत में पड़ा मिला।
उसके गले पर निशान मिले हैं। टड़ियावां के प्रभारी निरीक्षक एसपी उपाध्याय मौके पर पहुंचे। उन्होंने आलाधिकारियों को घटना के बारे में बताया। एसपी अनुराग वत्स, एएसपी पश्चिमी कपिल देव, सीओ सदर एसआर कुशवाहा ने परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की। फील्ड यूनिट ने नमूने जुटाए।
एसपी अनुराग वत्स ने बताया कि घटना का खुलासा करने के लिए चार टीमें गठित की गईं हैं। परिजनों ने रंजिश की बात से इनकार किया है, लेकिन लूट की आशंका जताई है। मृतक के पिता शिव सागर की तहरीर पर अज्ञात के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
थाना क्षेत्र के गौराडांडा में बैंक मित्र की हत्या के मामले में ग्रामीणों की बात कुछ और ही इशारा कर रही है। जिस स्थान पर बाइक खड़ी मिली और जहां शव मिला, वहां भी तड़के तीन बजे तक तलाशी की गई थी लेकिन तब वहां बाइक नहीं मिली थी। ऐसे में ये माना जा रहा है कि तड़के तीन बजे के बाद ही बाइक खड़ी की गई।
जिस तरह से शव पड़ा मिला है, उससे ये भी लग रहा है कि हत्या कहीं और करने के बाद शव गन्ने के खेत में फेंक दिया गया। ग्रामीणों के मुताबिक शिव सागर अवस्थी काफी सामाजिक हैं। उनके व्यवहार के कारण ही गौरव के लापता होने की जानकारी पर लगभग सभी ग्रामीण अलग-अलग दिशाओं में तलाशी अभियान चलाते रहे।
टड़ियावां के प्रभारी निरीक्षक एसपी उपाध्याय ने बताया कि बैंक से जानकारी जुटाने पर पता चला कि गौरव ने शुक्रवार को एक लाख दो हजार रुपये बैंक में जमा कर दिए थे। बैंक से रुपये उसने नहीं निकाले थे। इस लिहाज से लूट के बाद हत्या की आशंका न के बराबर है, लेकिन ये संभव है कि घटना को अंजाम देने वालों ने उसके पास रुपये होने की बात सोच मार दिया हो।
गौरव अवस्थी का मोबाइल फोन गायब है। उसके पास बैंक की जो बीसी मशीन थी, वह भी नहीं मिली है। घड़ी और पर्स भी गायब है। उसका एक जूता भी नहीं मिला है। बाइक में चाबी लगी थी। पुलिस गौरव के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाने में लगी है और इससे ही अहम सुराग मिलेंगे।
शुक्रवार को घर से बैंक पहुंचे गौरव ने शाम चार बजकर 21 मिनट पर मां मंजू अवस्थी से फोन पर बात की थी। परिजनों के मुताबिक गौरव ने बैंक से निकलकर सीधे घर आने की बात कही थी। इस पर मंजू ने गौरव के लिए चाय और नाश्ता भी बना दिया था।
जब सात बजे तक भी गौरव घर नहीं पहुंचा, तो परिजनों को चिंता हुई और फिर उसकी तलाश के लिए ग्रामीणों के साथ मिलकर अभियान चलाया गया। सोशल मीडिया पर भी गौरव के अचानक लापता हो जाने की जानकारी देकर मदद मांगी गई। शनिवार को जब शव मिला, तो गौरव की मां मंजू बदहवास हो गई। उसके बड़े भाई पंकज और सचिन व तीनों बहनें प्रभा, शुभा और विभा बिलख पड़ीं। गौरव छह भाई-बहनों में सबसे छोटा था।