हरदोई। ग्राम बरनरई चतरखा में सामुदायिक शौचालय के निर्माण में मिली शिकायत की जांच आख्या में गलत तथ्य देना सवायजपुर तहसीलदार के लिए मुसीबत का सबब बन गया। इस पर सीडीओ ने तहसीलदार से स्पष्टीकरण तलब किया है।
सवायजपुर तहसील क्षेत्र में ग्राम बरनई चतरखा निवासी अरविंद सिंह पुत्र अवध किशोर सिंह ने सीडीओ से शिकायत की थी कि ग्राम प्रधान सामुदायिक शौचालय का निर्माण ग्राम समाज की भूमि पर नहीं करा रहीं हैं।
शौचालय का निर्माण निजी भूमि पर कराए जाने का आरोप शिकायत में लगाया गया था। सीडीओ ने सवायजपुर के तहसीलदार को पूरे मामले की जांच सौंप कर आख्या मांगी। तहसीलदार सवायजपुर ने सीडीओ को भेजी आख्या में बताया कि बीस अगस्त को ग्राम वासियों की मौजूदगी में बंजर के रूप में दर्ज भूमि पर सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराने के लिए सहमति बनी, लेकिन यहां प्रधान ने शौचालय का निर्माण नहीं कराया।
आख्या में प्रधान के खुद की भूमि पर शौचालय का निर्माण कराए जाने का उल्लेख तहसीलदार ने किया। सीडीओ ने तहसीलदार से मिली आख्या के आधार पर गोपनीय जांच कराई, तो पता चला कि जो भूमि सामुदायिक शौचालय के निर्माण के लिए चिह्नित की गई थी, वह चकमार्ग के रूप में दर्ज है।
तहसीलदार ने जांच के दौरान इसका उल्लेख नहीं किया। अब सीडीओ निधि गुप्ता वत्स ने भ्रामक आख्या भेजे जाने के आरोप में तहसीलदार सवायजपुर से स्पष्टीकरण तलब किया है।