जिले में मानसून के दस्तक देने के बाद पहली बार
झमाझम बारिश हुई। बीती देर शाम से रात से शुरू हुई बारिश सोमवार तक रुक-रुक
कर होती रही, जिससे जहां तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी से राहत
मिली, वहीं ग्रामीण क्षेत्र में किसानों के चेहरे खिल उठे। खरीफ की फसल के
लिए किसानों ने खेतों पर काम शुरू कर दिया।
इधर, नगर क्षेत्र में सड़क पर
जलभराव से लोगों को कठिनाई का सामना भी करना पड़ा। इस बाबत मौसम वेधशाला
के प्रभारी जयशंकर मिश्र ने बताया कि सोमवार को 90 मिमी बारिश दर्ज की गई,
जो कि गत वर्ष की तुलना में काफी अधिक है।
ज्ञात हो कि गत वर्ष सूखे से
बर्बाद हुए किसान अबकी खरीफ की फसल में कोई जोखिम लेने को तैयार नजर नहीं आ
रहे थे। जिनके पास सिंचाई के निजी संसाधन थे, उन्होंने थोड़ी बहुत धान और
मक्का की फसल की बुआई की थी, पर अधिकांश इलाके में खेत खाली पड़े दिख रहे
थे।
कारण साफ था कि इस वर्ष जून माह में केवल 74 मिमी बारिश हुई, जो खरीफ
की फसल के लिए काफी कम थी। इसके चलते किसान ने अगैती फसल से आस छोड़ दी।
जुलाई माह में पहली बार बीती देर शाम से शुरू हुई बारिश से किसानों की भी
उम्मींद जाग र्गई।
इस बाबत मौसम वेधशाला के अनुसार, 24 घंटे मेें 90
मिमी बारिश हुई यह बारिश खेतों के लिए काफी लाभदायक बताई जा रही है। फिलहाल
शहरी क्षेत्र में लोगों को इस बारिश से जलभराव की समस्या से भले ही जूझना
पड़ा हो, पर खेतों में किसान काम करते नजर आये।
पाली क्षेत्र में किसानों
ने खेत की नालियां ठीक कीं और जुताई भी की। जिन खेतों में धान की बेड़
तैयार हुई उन्हें लगाना शुरू कर दिया। वहीं हरपालपुर क्षेत्र में भी बारिश
से किसानों के चेहरे खिल गए। क्षेत्र के किसान राममिलन, रामदीन, सुरेश, चरन
सिंह और रामकुमार आदि ने बताया कि वह लोग खेत की जुताई कर धान की बेड़
लगाएंगे, वहीं कुछ किसान मक्का, ज्वार और बाजरा की बुआई की तैयारी में जुट
गए हैं।
उधर, रविवार की रात झमाझम बरसात के बाद सोमवार को दोपहर तक हुई
रिमझिम बारिश ने शहर में कई स्थानों पर जलभराव कर दिया, जिससे लोग परेशान
दिखाई दिए। गल्ला मंडी में जहां नालियों से पानी ओवर फ्लो होकर दुकानों के
चबूतरों तक पहुंच गया, वहीं कचहरी में कई स्थानों पर पानी भर गया।
स्टेशन
रोड, नघेटा रोड समेत अन्य स्थानों पर भी जलभराव हुआ। उधर, बारिश को लेकर
लोगों के तरह-तरह के मिजाज रहे। किसी ने बारिश में भीग कर बारिश का आनंद
लिया, तो किसी ने बारिश से बचने को छाता आदि लगाकर आवागमन किया।
उधर,
बेनीगंज क्षेत्र में बारिश न होने से मायूस किसानों को बीती रात से शुरू
हुई झमाझम बारिश से राहत मिली। हालांकि, धान की अगैती फसल लेने वाले
किसानों को नुकसान उठाना पड़ा, पर इस माह अगर बारिश ठीक ठाक हुई तो फसल
अच्छी होने की संभावना है। सोमवार को खेत में खड़ी धान की बेड़ को किसान
ठीक करते नजर आए, वहीं किसान रामभरोसे का कहना है कि यदि बारिश कम हुई तो
उन्हें गत वर्ष की तहर अबकी भी नुकसान उठाना पड़ सकता है।