हरदोई। अपहरण के एक मामले में गुरुवार दोपहर कचहरी परिसर में बखेड़ा खड़ा हो गया। अपहृत युवती के बयान दर्ज कराने को पुलिस उसे कोर्ट लेकर आई थी। पुलिस को देखते ही युवती के परिजनों व हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। सूचना पर सीओ सिटी, सीओ हरियावां सहित शहर कोतवाली की फोर्स पहुंच गई। बाद में एसओ ने हाथ जोड़ कर लोगों को समझाबुझा कर शांत कराया। युवती को महिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। शनिवार को सुपुर्दगी के लिए फिर उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
हरियावां थाना निवासी युवती चाचा के पास कानपुर में रहकर रही थी। बीए प्रथम वर्ष की परीक्षा देने वह एक मार्च को अपने गांव आ रही थी। रास्ते से ही युवती लापता हो गई। चाचा ने उतरा गांव निवासी नवीन खां पुत्र भोला खां, पिंकू पुत्र भोला खां और भोला खां पुत्र शेर अली के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसओ हरियावां दीनानाथ मिश्रा ने बताया कि युवती थाने पहुंची और अपने साथ कोई अपराध न होने का बयान दिया था। पुलिस ने मेडिकल कराकर शुक्रवार को उसे बयान देने के लिए कोर्ट में पेश किया।
इसी बीच युवती के परिजन और बजरंग दल के जिला संयोजक अभिषेक द्विवेदी, भाजपा नेत्री रीता सिंह सहित हिंदू संगठन के लोग कचहरी परिसर में पहुंच गए। इसी बीच अफवाह फैली की युवती नवीन खां के साथ जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने का हवाला देकर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। भीड़ एसओ पर सांठगांठ कर आरोपियों को छोड़ने का आरोप लगाने लगी। मामला दो संप्रदाय के बीच होने के कारण पुलिस के हाथ पैर फूल गए।
सूचना पर सीओ सदर अजीत सिंह चौहान, सीओ हरियावां श्यामाकांत त्रिपाठी, महिला एसओ कनकलता दुबे और शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। इसके बावजूद भीड़ पीछे हटने को तैयार नहीं हुई। एसओ हरियावां दीनानाथ मिश्र हाथ जोड़े और कानून के हिसाब से काम करने का हवाला दिया। भीड़ ने युवती को युवक के सुपुर्द न करने की चेतावनी भी दी। हंगामे के कारण सुपुर्दगी न होने के कारण युवती को महिला थाने भेज दिया गया। शनिवार को उसे फिर कोर्ट में पेश किया जाएगा।
युवती के चाचा ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। युवती खुद थाने में पेश हुई और स्वेच्छा से युवक के साथ जाने का बयान दिया। जब युवती खुद बयान दे रही है तो आरोपियों की गिरफ्तारी का औचित्य नहीं बनता है। उसे कोर्ट में पेश कर बयान दर्ज करा दिए गए हैं। मैंने कानून के हिसाब से काम किया है। -दीनानाथ मिश्रा, एसओ हरियावां
आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों की जाए, युवती अगर कोर्ट में अपहरण का बयान देती तो कार्रवाई की जाती। एसओ ने किसी के हाथ नहीं जोड़े। हाथ जोड़ने की बात बेवजह की जा रही है।-श्यामाकांत त्रिपाठी, सीओ हरियावां