हरदोई में हलछठ त्योहार पर माताओं ने अपने पुत्रों के दीर्घायु होने की कामना को लेकर व्रत एवं विधिवत पूजन किया। यह त्योहार भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी पर मनाया जाता है।
शास्त्री उमाकांत अवस्थी ने बताया कि जन्माष्टमी के दो दिन पहले यह व्रत रखा जाता है। इसी दिन श्री कृष्ण के बड़े भाई बलराम का जन्म हुआ था। इसे बलराम जयंती के नाम से भी जाना जाता है। यह व्रत केवल पुत्रवती महिलाएं ही करती हैं। माताएं व्रत पूजन के साथ ही अपनी संतान की दीर्घायु की कामना करती हैं।
उन्होंने बताया कि भगवान कृष्ण के बड़े भाई बलराम को बलदेव, बलभद्र और बलदाऊ के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बलराम को हल और मूसल से खास लगाव था इसीलिए इस त्योहार को हल षष्ठी के नाम से भी जाना जाता है।