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गुजरात से लौटे शाहाबाद निवासी दो युवक मिले कोरोना पॉजिटिव

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हरदोई। सोमवार देर शाम दो और कोरोना पॉजिटिव मिलने से हड़कंप मच गया। दोनों संक्रमित युवक शाहाबाद कस्बे के हैं और लॉकडाउन में गुजरात के वापी से घर लौटे हैं। सूचना पर प्रशासनिक अमला रात में ही सक्रिय हो गया। एसडीएम, सीओ और कोतवाल ने रात में ही गली-मोहल्लों की खाक छानी। एसपी ने मंगलवार सुबह कस्बे का भ्रमण किया। जिले में अब तक छह कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। इनमें से चार एक्टिव केस हैं। दो लोग स्वस्थ होने के बाद क्वारंटीन हैं।
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शाहाबाद कस्बे के मोहल्ला अल्लापुर सैयदीखेल निवासी दो युवक गुजरात के वापी में एक फैक्टरी में स्टील पॉलिश का काम करते थे। दोनों नौ मई को शाहाबाद कस्बा पहुंचे तो एसडीएम एपी श्रीवास्तव ने दोनों की थर्मल स्क्रीनिंग कराई थी। इसमें कोई लक्षण न मिलने पर बाहर से आने के कारण एसडीएम ने दोनों को जिला अस्पताल कोरोना की जांच के लिए भेजा था। जिला अस्पताल में 10 मई को नमूना देने के बाद दोनों युवक वापस घर पहुंच गए। सोमवार देर रात दोनों युवकों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने से प्रशासन में खलबली मच गई। आधी रात ही एसडीएम अतुल प्रकाश श्रीवास्तव, सीओ उमाशंकर सिंह, तहसीलदार अवधेश कुमार, कोतवाल महेश चंद्र पांडेय ने संबंधित मोहल्ले में खोजबीन शुरू कर दी। रात एक बजे दोनों युवक घर पर मिले। इन दोनों को विशेष एंबुलेंस से लखनऊ के बक्शी का तालाब स्थित कोविड-19 अस्पताल भेज दिया गया। दोनों युवकों के 22 परिजनों को चिह्नित कर उन्हें क्वारंटीन करने के बाद मंगलवार को जिला अस्पताल कोरोना की जांच के लिए भेजा गया। पॉजिटिव युवकों को नौ मई को शाहाबाद तहसील में राशन किट भी उपलब्ध कराई गई थी। राशन किट देने वाले तहसील कर्मी को भी क्वारंटीन किया गया है।
तीन दिन के लिए शाहाबाद सील
मंगलवार सुबह एसपी अमित कुमार ने शाहाबाद एसडीएम एपी श्रीवास्तव के साथ कस्बे का भ्रमण किया। एसपी ने बताया कि तीन दिन के लिए शाहाबाद को बंद कर दिया गया है। संबंधित मोहल्ले में सब्जी, दूध आदि की दुकानें भी बंद रहेंगी। कुछ चिह्नित मेडिकल स्टोर एसडीएम की अनुमति से खुलेंगे। उन्होंने कहा कि एहतियात बरतना जरूरी है।
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तो घर कैसे पहुंचे पॉजिटिव युवक!
एसडीएम एपी श्रीवास्तव का कहना है कि 10 मई को उन्होंने दोनों युवकों को जिला अस्पताल कोरोना की जांच के लिए भेजा था। गुजरात से विभिन्न साधनों के अलावा पैदल भी चले युवकों की जांच रिपोर्ट आने तक स्वास्थ्य विभाग को दोनों ही युवकों को आइसोलेट या क्वारंटीन करना चाहिए था। इसके बावजूद टेस्ट लेने के बाद दोनों को छोड़ दिया गया और दोनों घर पहुंच गए। पूरे मामले पर अफसर चुप्पी साधे हैं। सीएमओ डा. एसके रावत ने बताया कि युवकों के घर पर मिलने की जानकारी उन्हें नहीं है।
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