पावर कारपोरेशन ने ट्रांसफार्मरों से लोगों की
सुरक्षा के लिए चारों ओर गार्डिंग लगाने के निर्देश भले ही दिए हों, पर
जनपद में लगे ट्रांसफार्मरों पर शत प्रतिशत गार्डिंग नहीं की गई है, जिससे
अब लोगाें की सुरक्षा को लेकर सवाल भी बनता जा रहा है।
जनपद के कसबा और
ग्रामीण क्षेत्रों में तो विभाग ने किसी ट्रांसफार्मर के चारों ओर सुरक्षा
जाली नहीं लगवाई है। शहर के भी तमाम ट्रांसफार्मर आबादी के बीच में बिना
सुरक्षा जाली के रखे हुए हैं। जिनसे हर वक्त हादसों का डर बना रहता है।
सुरक्षा जालियों को लगाने के लिए पावर कारपोरेशन से करोड़ों रुपये आवंटित
किए जा चुके हैं, पर अभी भी स्थिति बेहतर नहीं है। ट्रांसफार्मरों के चारों
ओर सुरक्षा जाली न होने की वजह से रात के अंधेरे में लोग शिकार हो जाते
हैं, जबकि ट्रांसफार्मरों के संपर्क में आकर सबसे अधिक हादसे का शिकार
जानवर होते हैं।
सुरक्षा जाली के अभाव में घटनाएं बढ़ रही हैं, पर
जिम्मेदारों पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है। शहर के तमाम आबादी भरे
इलाकों में बिना सुरक्षा जाली के ट्रांसफार्मर रखे हुए हैं। उधर, सबसे अधिक
हैरान करने वाली बात तो यह है जनपद में ट्रांसफार्मरों की गार्डिंग पर
करोड़ों रुपये व्यय किए जा चुके हैं, पर स्थिति बदतर है।
राजीव गांधी
विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत जनपद में करीब 1.45 करोड़ रुपये सिर्फ
ट्रांसफार्मर के फाउंडेशन मेंटेंन करवाकर उनके चारों ओर सुरक्षा जाली लगाने
के लिए आए थे, पर जनपद में ट्रांसफार्मरों के चारों ओर सुरक्षा की स्थिति
का अंदाजा शहर के कुछ ट्रांसफार्मरोंसे ही लगाया जा सकता है।
शहर के लखनऊ रोड पर आवास विकास कालोनी के मोड पर ही ट्रांसफार्मर बिना
सुरक्षा जाली के रखा हुआ है। आवास विकास कालोनी की इस सड़क पर यातायात भी
काफी होता है, लेकिन लोगों की सुरक्षा को देखते हुए बिजली विभाग ने यहां पर
लगे ट्रांसफार्मर के चारों ओर पूरी सुरक्षा जाली नहीं लगाई, जबकि हैरत की
बात है कि ट्रांसफार्मर से चंद कदम की दूरी पर भाजपा सांसद अंशुल वर्मा का
कार्यालय भी है। जहां सांसद भी मौजूद रहते हैं।
सरकुलर रोड पर निसार मुर्गा फार्म के निकट सड़क के किनारे भी रखा
ट्रांसफार्मर के चारों ओर कोई सुरक्षा जाली नहीं लगी हुई है। चौराहा होने
की वजह से यहां पर कभी कभार भीड़ भी अधिक हो जाती है, ऐसे में ट्रांसफार्मर
के चारों ओर कोई सुरक्षा जाली न होने की वजह से हादसे का डर बना हुआ रहता
है।
शहर के मोमिनाबाद
मोहल्ले के निकट रफी अहमद चौराहे पर भी सड़क के किनारे ही ट्रांसफार्मर
बिना सुरक्षा जाली के रखा हुआ है। रफी अहमद चौराहे पर भी कई बार जाम की
स्थिति उत्पन्न होती रहती है, जिससे लोगों का आवागमन कठिन हो जाता है।
ऐसे
ट्रांसफार्मर पर सुरक्षा जाली न होने की वजह से लोगों में हादसे का डर रहता
है, जबकि रोड के निकट ही रफी अहमद किदवई इंटर कालेज भी है। ऐसा
ही हाल धर्मशाला रोड पर नटवीर पुलिया का भी है। यहां तो एक ही फाउंडेशन पर
दो ट्रांसफार्मरों को लगाया गया है।
जिसके बावजूद ट्रांसफार्मरों को
सुरक्षा जाली से नहीं घेरा गया है। नटवीर पुलिया के पास से भी गली निकली
हुई है, जिसके मुहाने पर ही ट्रांसफार्मर रखे हुए हैं और यहां भी हादसे की
संभावना प्रबल बनी रहती है। सीतापुर
रोड को जाने वाले ओवर ब्रिज के नीचे भी सड़क के निकट की ट्रांसफार्मर खुले
में रखा हुआ है।
बताते चलें कि इस ओवर ब्रिज के नीचे रखे इस ट्रांसफार्मर
पर काफी लोड है और गर्मियों में अकसर तेज धमाके के साथ आग उगलने लगता है।
जिसके बावजूद भी लोगाें की सुरक्षा के लिए ट्रांसफार्मर के चारों ओर जाली
नहीं लगाई गई।
उक्त तमाम
ट्रांसफार्मरों में सबसे अधिक खतरनाक स्थिति में अरुणा पार्क के निकट
ट्रांसफार्मर को रखा गया है। बिजली विभाग ने यहां पार्क से बिलकुल नजदीक ही
ट्रांसफार्मर रखा है और सुरक्षा जाली भी नहीं लगाई है, जबकि पार्क में
बच्चे भी खेलते रहते हैं और सुबह व शाम बूढ़े व बुजुर्गों की चहल पहल भी
अधिक रहती है।