विकास योजनाओं में प्रगति को लेकर निचले पायदान पर
खिसक गए जिले के विकास को लेकर डीएम के तेवर कड़क हो गए है। उन्होंनेे इस
बाबत सभी विभागों को मार्च तक लक्ष्य पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि
अगर लक्ष्य पूरे न हुए तो कार्रवाई का खामियाजा भुगतने को तैयार रहें।
डीएम
ने बैंकों को भी शाखाएं खोलने के लक्ष्य की याद दिलाते हुए 31 मार्च तक
लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए है। इस बाबत डीएम ने एलडीएम को जरूरी
कार्रवाई करने को कहा है। उधर, जिले की अग्रणी बैंक बैंक आफ इंडिया प्रबंधन
ने आश्वस्त किया कि उनका बैंक मार्च तक अपना लक्ष्य पूरा कर लेगा।
लक्ष्य
के अनुसार बैंक आफ इंडिया को ग्रामीण क्षेत्रों में 16 बैंक शाखाएं खोलनी
थी, जिसके सापेक्ष 13 शाखाएं खुल चुकी हैं और 3 शाखाएं मार्च माह तक खोल दी
जाएंगी। उधर, एलडीएम कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार कई बैंकें ऐसी
हैं, जिन्होंने लक्ष्य मिलने के दो साल बाद भी एक भी ब्रांच नहीं खोली है।
इन बैंकों में निजी क्षेत्र की एचडीएफसी, एक्सिस बैंक, कोटक महेंद्रा बैंक,
आईएनजी वैश्या बैंक, आईसीआईसीआईसी आदि शामिल हैं। इसके अलावा सार्वजनिक
क्षेत्र की बैंक इलाहाबाद बैंक, ओबीसी, पीएनबी, यूको बैंक, पंजाब एंड सिंध
बैंक, विजया बैंक सहित अन्य बैंकों ने भी लक्ष्य पूरे नहीं किए हैं, जबकि
बैंक बार निर्धारित लक्ष्य के अनुसार सभी बैंकों को अभी करीब 85 बैंक
शाखाएं खोलनी हैं।
लक्ष्य को पूरा करने के मामले में सबसे अच्छी प्रगति
बैंक आफ इंडिया की है। ज्ञात हो कि दो साल पहले करीब 110 बैंक शाखाएं
ग्रामीण क्षेत्रों में खोलने का लक्ष्य बैंक बार दिया गया था, जिसके बाद भी
यह लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया है। शाखाएं खोलने में ढुलमुल रवैया अपना रही
बैंकों के चलते विकास कार्यंो की समीक्षा में प्रगति ने भी जिले को विकास
के निचले पायदान पर पहुंचाने का काम किया है।
इसको लेकर डीएम के तेवर
काफी कड़क है। इस बाबत डीएम रमेश मिश्रा ने बताया कि विकास कार्यों में
ढिलाई बरतने वालों पर कार्रवाई होगी। लक्ष्य के अनुरूप शाखाएं न खोलने वाली
बैंकों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई को कंट्रोलर कार्यालय को पत्र
भेजा जाएगा।