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गर्रा नदी की चपेट में आए शाहाबाद के दो गांव

Tue, 02 Aug 2016 11:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूराो/हरदोई
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बाढ़ - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शाहाबाद/टोडरपुर। शाहाबाद विकास खंड के दो गांव गर्रा नदी में आए उफान की चपेट में आ गए। कटान की वजह से लोगों ने घरेलू सामान के साथ दीवारें तोड़कर उसका मलबा निकालना तेज कर दिया है। गांव बैजूपुर में गर्रा नदी का पानी आबादी की तरफ हिलोरे लेने लगा है।
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गांव के शशि कुमार ने बताया कि नदी का पानी केवल बीस मीटर की दूरी पर है किसी भी समय प्रवेश कर सकता है। इस संबंध में बाढ़ चौकियों पर तैनात अधिकारियों को जानकारी दे दी गई है। उधर, कोतवाली क्षेत्र के उमरिया कैथानी गांव में भी गर्रा नदी का जल स्तर बढ़ने से प्रभावित परिवारों ने दीवार की ईंट-लोहा निकालना शुरू कर दिया है। प्रभावित परिवारों को अभी तक तहसील स्तर से किसी तरह की सहायता नहीं मिल सकी है। सामाजिक संगठन भी अभी सक्रिय नहीं हुए। उफनाती गर्रा नदी ने तीन घरों को काफी क्षति पहुंचाई है। इनमें राज किशोर, रामरतन व दयाराम शामिल हैं।

टोडरपुर संवाददाता के अनुसार, ग्राम सभा उमरिया कैथानी को गर्रा अपने रौद्र रूप से निगलती जा रही है। जिससे गांव का अस्तित्व समाप्त होने के कगार पर है। बेवा रामलड़ैती पत्नी राजकिशोरकी का पक्का मकान, रामकिशुन पुत्र दीनदयाल कोरी, कोनी देवी पत्नी रामरतन के इंदिरा आवास गर्रा में समा जाने की आशंका है। फूल मती पत्नी माखन कोरी को भी इंदिरा आवास मिला, जिसे गर्रा ने काट दिया। मकरंद पुत्र नन्हू कोरी को पहले सरकारी आवास मिला था जिसे गर्रा ने पहले काट दिया था अब झोपड़ी बनाकर रह रहा था उसे भी गर्रा के हाहाकारी रूप ने निगल लिया है। गर्रा की तबाही देख रहे ग्रामीणों का कहना है कि इस गांव में राधे श्याम, उदनलाल वर्मा, राजेश, राम लाल, भय्या लाल के मकानों का अस्तित्व ही बचा है जो किसी समय गर्रा समा सकते हैं।
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बढ़ रहे जलस्तर से दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में
छिबरामऊ (हरदोई)। बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त है। वहीं, बिलग्राम तहसील क्षेत्र के राजघाट पर भी जलस्तर बढ़ने से गंगा उफान पर है। लोगों की मानें तो राजघाट के किनारे बसे दर्जनों गांवों के  किनारे-किनारे बाढ़ का पानी घुस गया है और वहां के बाशिंदे अपना घर बार छोड़कर पलायन भी कर गए हैं। सैकड़ों बीघा फसलें भी बर्बाद हो गई हैं।

गंगा का पानी नदी से करीब तीन किलोमीटर दूर परसोला गांव में भी घुसने के कगार पर है। इसी गांव में बने यज्ञशाला में बाढ़ का पानी भर गया है। वहीं, रामेश्वरपुरवा, गन्नीपुरवा, महनंदीपुरवा, के बाशिंदे भी ट्रैक्टर-ट्रलियों में सामान भरकर रिश्तेदारी मेें तो कई सूखे स्थान की ओर पलायन कर रहे हैं। वहीं, सोनारीपुरवा, त्रिलोकपुुरवा, घासीरामपुरवा, बिछुइया आदि गांवों के किनारे पानी भरने लगा है। वहीं रामेश्वरपुरवा व घासीरामपुरवा के बीच से गंगा का पानी अन्य गांवों की ओर बहने लगा हैैैै। जिससे गुलाबपुरवा, निहालपुरवा, परसोला, शेखनपुरवा आदि गांवों की फसलें जलमग्न हो गई हैैैैैैैं। वैसे भी मेहंदीघाट पुल से जरेरा गांव तक बाढ़ का पानी भर चुका है। अगर इसी तरह जलस्तर बढ़ता रहा तो कई अन्य गांव भी बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं।
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