हरदोई। अरबन कोआपरेटिव बैंक प्राइवेट लिमिटेड बकाएदारों से एक करोड़ रुपये की वसूली नहीं कर पाई है। पिछले कई वर्षों से बैंक का करीब एक करोड़ रुपये फंसा है। करीब 20 फीसदी लोन के खाते एनपीए हो गए हैं। इस मामले में रिजर्व बैंक ने कोआपरेटिव बैंक के लेनदेन पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। रिजर्व बैंक ने केवल छह माह में खाते से एक बार ही एक हजार रुपये का लेनदेन किए जाने की छूट प्रदान की है।
सिनेमा रोड स्थित अरबन कोआपरेटिव बैंक में 25 हजार खाते हैं। यहां पर करीब 10 करोड़ डिपाजिट है। 800 लोगों को करीब पांच करोड़ रुपये का लोन वितरित किया गया था। जिसमें करीब चार करोड़ रुपये की वसूली चलायमान है। करीब एक करोड़ रुपये के ऋण खाते एनपीए (नॉन परफार्मिंग ऐसेट) हो गए हैं। इस मामले में सोमवार को रिजर्व बैंक ने बैंक के लेनदेन, ऋण वितरण व अन्य कार्य करने पर रोक लगा दी है। रिजर्व बैंक की ओर से लोन वितरण करने, पुराने लोन के नवीनीकरण न करने व ग्राहकों को छह माह में एक बार एक हजार रुपये के लेनदेन करने का ही आदेश दिया है।
शाखा प्रबंधक एसके श्रीवास्तव ने बताया कि जो खाते एनपीए हो गए हैं। उनकी वसूली की कार्रवाई बैंक की ओर से तेजी के साथ की जा रही है। कई बार बैंक के पुराने बकाएदारों को आरसी जारी किया गया था, लेकिन उन्होंने लोन की धनराशि जमा नहीं की। इस संबंध में तहसील स्तर से लोन की वसूली कराने की कार्रवाई चल रही है। लोन लेने वाले व्यक्तियों की संपत्तियां बंधक हैं। जिनकी नीलामी की जाएगी और बकाया वसूल किया जाएगा। रिजर्व बैंक के रोक लगाए जाने के मामले में न्यायालय की शरण लेंगे।
बडे़ लेनदेन न होने से परेशान रहे ग्राहक
हरदोई। रिजर्व बैंक की ओर से अरबन कोआपरेटिव बैंक के लेनदेन पर रोक लगाने के बाद मंगलवार को ग्राहक परेशान रहे। एक हजार तक के लेनदेन हो रहे थे। बड़ी धनराशि जमा करने आए ग्राहकों को शाखा प्रबंधक ने लौटा दिया।