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Hardoi News: ई-केवाईसी न कराने वाले 2.70 लाख यूनिटों के अनाज वितरण पर लगी रोक

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-पात्र गृहस्थी और अंत्योदय अन्न योजना के कार्डधारकों को निशुल्क अनाज
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- कोटेदार की दुकान पर ई-पास मशीन के माध्यम से कराई जा रही है ई-केवाईसी
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदाेई। हरदोई। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत निशुल्क अनाज प्राप्त करने वाले करीब 2.70 लाख से अधिक यूनिट ने अभी तक ई-केवाईसी (इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर) नहीं कराया है। इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया के पूरा न होने के कारण इन यूनिटों के लिए अनाज का आवंटन रोक दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप, जिले का लगभग 13,52,580 किलोग्राम अनाज का आवंटन भी कम कर दिया गया है, जिससे पात्र लाभार्थियों को खाद्यान्न मिलने में बाधा आ रही है।



योजना और ई-केवाईसी की आवश्यकता



राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत, पात्र गृहस्थी और अंत्योदय अन्न योजना के कार्डधारक परिवारों को निशुल्क अनाज उपलब्ध कराया जाता है। अंत्योदय अन्न योजना के लाभार्थियों को प्रतिमाह 35 किलोग्राम अनाज मिलता है, जबकि पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को प्रति यूनिट पांच किलोग्राम अनाज दिया जाता है। इस पांच किलोग्राम अनाज में दो किलोग्राम गेहूं और तीन किलोग्राम फोर्टिफाइड चावल शामिल होता है। खाद्य और रसद विभाग ने सभी यूनिटों के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया है ताकि योजनाओं का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचे।
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ई-केवाईसी की प्रक्रिया और समय-सीमा



राशन कार्ड से जुड़े यूनिटों की ई-केवाईसी की प्रक्रिया कोटेदारों की दुकानों पर स्थापित ई-पास (इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ सेल) मशीनों के माध्यम से संपन्न की जा रही है। सरकार द्वारा ई-केवाईसी के लिए पहले 31 दिसंबर तक की समय-सीमा निर्धारित की गई थी, परंतु बाद में इस समय-सीमा में संशोधन किया गया है। यह संशोधन उन लाभार्थियों को राहत देने के उद्देश्य से किया गया है जो अभी तक अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं करा पाए हैं। हालांकि, संशोधित समय-सीमा की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। ई-केवाईसी न कराने वाले यूनिटों के लिए अनाज की आपूर्ति बाधित रहेगी, जिससे पात्र परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
बताया गया कि जिले में अंत्योदय अन्न योजना और पात्र गृहस्थी कार्डों पर 31,30,661 यूनिट दर्ज हैं। वैसे तो सभी की ई-केवाईसी कराई जानी है। विभाग ने अभियान में भी चलाया, लेकिन अभी तक 28,23,102 यूनिट की ही ई-केवाईसी हो पाई है। जबकि 2,70,516 यूनिट की अभी तक ई-केवाईसी नहीं हो पाई है। यूनिट के न मिलने से जिले के अनाज आवंटन पर भी प्रभाव पड़ा है।
5.41 लाख किलोग्राम गेहूं और 8.11 लाख चावल का वितरण हुआ कम
राशनकार्ड पर दर्ज यूनिट में से करीब 2,70,516 यूनिट की ई-केवाईसी न होने से 5,41,032 किलोग्राम गेहूं और 8,11,548 किलोग्राम चावल का वितरण कम हो गया है। शासन ने ई-केवाईसी न कराने वाले यूनिट के लिए अनाज आवंटन और वितरण पर रोक लगा दी है।
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वर्जन
कोटेदार के माध्यम से निशुल्क अनाज लेने वाले परिवारों के कार्ड पर अंकित सभी यूनिट की ई-केवाईसी होनी है। विभाग ने अभियान में चलाया, लेकिन कार्डधारकों की तरफ से ध्यान न दिए जाने से करीब 10 प्रतिशत यूनिट की ई-केवाईसी नहीं हो पाई है। जिसके लिए पूर्ति निरीक्षक और कोटेदार के माध्यम से प्रयास किए जा रहे हैं। - दिलीप कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी
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