फोटो-04- गल्ला मंडी में बारिश के पानी में भीगते धान के बोरे। संवाद
हरदोई। बारिश ने नवीन गल्ला मंडी की व्यवस्थाओं की पोल एक बार फिर खोल दी। जल निकासी के पर्याप्त इंतजाम न होने और सैकड़ों क्विंटल सरकारी खरीद का धान खुले में पड़े होने से अनाज खराब हो रहा है। बारिश से बचाने के लिए अनाज ढकने की पर्याप्त व्यवस्था मंडी प्रशासन अभी तक नहीं कर पाया है। इससे जिम्मेदारों की बड़ी लापरवाही उजागर हो रही है जिस पर फिलहाल अंकुश नहीं लग रहा है।
मंडी परिसर में चारों ओर अव्यवस्था का आलम है। शनिवार शाम को आई आंधी और फिर बारिश के बाद मंडी में फिर से जगह-जगह पानी भर गया है। पर्याप्त शेड न होने के कारण सरकारी खरीद का धान अब पानी में भीग रहा है। मंडी में जल निकासी के भी पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। साथ ही अनाज को ढकने के लिए तिरपाल जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में सैकड़ों क्विंटल धान खराब होने की कगार पर है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है इसके पहले भी कई बार बारिश होने पर धान भीग चुका है और खराब भी हुआ है लेकिन हैरानी की बात यह है कि मंडी प्रशासन ने अभी तक कोई इंतजाम नहीं किया।
धान भीगने से उसमें अंकुरण और सड़न का खतरा पैदा हो गया है। अधिकारियों की लापरवाही से अनाज कचरे के ढेर में तब्दील हो रहा है। मंडी सचिव ज्योति जौहरी ने बताया कि धान को तिरपाल और पॉलीथिन से ढक कर रखा गया है। मिलों का धान है सभी को जल्द ही उठान कराने के निर्देश दिए गए हैं।