फोटो-23-हाथ में सिरिंज लेकर बैठे एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने आए लोग। संवाद
गोपामऊ। बंदर और कुत्ता काटने पर लगने वाले एंटी रेबीज इंजेक्शन के लिए सिरिंज मरीजों को मेडिकल स्टोर से खरीदना पड़ रहा है। गोपामऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एंटी रेबीज तो मुफ्त में उपलब्ध है लेकिन यह लगेगी तभी जब मरीज या तीमारदार सिरिंज खरीदकर लाएं।
आमतौर पर हर रोज 30-40 लोगों को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगते हैं। इनमें से कुछ मरीजों को पहली डोज लगती है तो कुछ को दूसरी और तीसरी। गोपामऊ में सीएचसी खुलने से पहले तक इलाके के लोगों को एंटी रेबीज लगवाने के लिए या तो हरियावां जाना पड़ता था या टड़ियावां। इन दोनों जगहों पर भी इंजेक्शन न लगने पर मरीजों और तीमारदारों को जिला मुख्यालय का रुख करना पड़ता था। गोपामऊ सीएचसी खुलने के कुछ समय बाद तक यहां व्यवस्थाएं दुरुस्त रही लेकिन धीरे-धीरे व्यवस्था बिगड़ गई। अब हाल यह है कि मेडिकल स्टोरों पर 10 रुपये में मिलने वाली सिरिंज भी सीएचसी आने वाले मरीजों को नहीं मिल पा रही है।
केस-1
गद्दीपुरवा निवासी आशाराम को कुत्ते ने काट लिया था। शनिवार को वह एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए गोपामऊ सीएचसी पहुंचे। यहां उनसे सिरिंज मेडिकल स्टोर से लाने के लिए कहा गया। 10 रुपये का सिरिंज लाने पर ही उन्हें इंजेक्शन लगाया गया।
केस-2
शाहपुर निवासी अंबिक को बीते 20 अक्तूबर को कुत्ते ने काटा था। एंटी रेबीज इंजेक्शन की दूसरी डोज लगवाने शनिवार को वह गोपामऊ सीएचसी पहुंचे थे। उन्हें भी मेडिकल स्टोर से 10 रुपये की सिरिंज खरीदकर लानी पड़ी। इसके बाद ही इंजेक्शन लग पाया।