कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों की बालिकाओं को अब
ठंड में सिकुड़ना नहीं पड़ेगा। विद्यालयों को जहां नए बिस्तर उपलब्ध करा
दिए गए, वहीं शिक्षाधिकारियोें ने सहयोग कर बालिकाओें के लिए अतिरिक्त कंबल
की व्यवस्था कराई है। इससे बालिकाओं को राहत मिलेगी।
ज्ञात हो कि
जिले में बीस कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों
में चार विद्यालयों में विगत वर्ष रजाई गद्दे मुहैया करा दिए गए थे, पर शेष
स्कूलों में रजाई गद्दे खराब हो गए थे। इससे बालिकाओं को दुश्वारियों को
गुजरना पड़ रहा था, पर बजट न होने के कारण व्यवस्थाएं नहीं हो पा रही थी।
परियोजना
से बजट प्राप्त होते ही जिले के 16 विद्यालयों में नये रजाई गद्दे, चादर
लिहाफा आदि मुहैया करा दिए गए हैं। एक दो स्कूल बचे, वहां पर दो दिन में
रजाई गद्दे पहुंचाएं जा रहे हैं। इसके अलावा विभागीय अफसरों ने ठंड से बचने
के लिए आपसी सहयोग से नयी व्यवस्था कर दी है।
बीएसए की पहल पर सभी
विद्यालयों में तीस तीस कंबल उपलब्ध कराए गए हैं। इसमें बीएसए की ओर से
पचास कंबल और अन्य सभी खंड शिक्षा अधिकारियों की ओर से विद्यालय की
बालिकाओं के लिए 30-30 कंबल की व्यवस्था की गई है। इससे कस्तूरबा गांधी
विद्यालय की बालिकाओं को ठंड से बचने की अतिरिक्त व्यवस्था हो जाएगी।
बेसिक
शिक्षा अधिकारी डा. बृजेश मिश्र ने बताया कि जिन कस्तूरबा विद्यालयों में
खिड़की आदि में शीशे नहीं हैं, उनमें फाइबर की सीट लगाने के निर्देश दिए गए
हैं, ताकि ठंडी हवा अंदर न आए और प्रकाश भी आता रहे। उन्होंने कहा कि
विद्यालयों में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश सभी बालिकाओं को दिए जा
चुके है।