भारत सरकार द्वारा लागू किए जा चुके खाद्य सुरक्षा
बिल को अब उत्तर प्रदेश में लागू करने की तैयारियां है। इस क्रम में जिले
में भी इसके लाभ मिलने तय है। इसके लिए शासन द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश
दिए जा चुके है। जिसके क्रम में जिले में तैयारियां शुरू हो गई।
इस बाबत
डीएसओ कुमार निर्मलेन्दु ने बताया कि जिले में 7,95,746 राशनकार्ड है।
इनमें तीन वर्ग प्रचलित है। जिसके अनुसार बीपीएल के 1,89,932, अंत्योदय के
1,17,727 एवं एपीएल वर्ग के 5,88,087 कार्ड हैं। इस समय बीपीएल एवं
अंत्योदय वर्ग के कार्डधारकों को अनाज, केरोसिन एवं चीनी रियायती दरों पर
उपलब्ध हो रही हैं, जबकि एपीएल कार्डधारकों को केरोसिन रियायती दरों पर
मिलता है।
इसके साथ ही अभी कुछ समय पहले एपीएल कार्ड धारकों के लिए रियायती
दरों पर गेहूं का आवंटन हुआ था, जिसका वितरण हो रहा है। खाद्य सुरक्षा बिल
लागू होने पर राशनकार्ड दो वर्ग के ही रह जाएंगे, इसमें एक वर्ग गरीब तबके
को होगा और एक वर्ग अनाज जरूरत की दृष्टिकोण से गरीबी रेखा के ऊपर का
होगा।
इसके बाद गरीब वर्ग के राशनकार्डधारकों को सस्ती दरों पर अनाज की
व्यवस्था होगी। इसके लिए सर्वे कार्य नए साल में शुरू होगा और सर्वे के बाद
खाद्यान्न सुरक्षा बिल के तहत पात्रों को योजना का लाभ मिलना शुरू हो
जाएगा। शासन ने इसे लागू करने को सर्वे कराकर रिपोर्ट देेने के निर्देश दिए
हैं। जिसके क्रम में कार्य शुरू होना है। उधर, पूर्ति विभाग से मिली
जानकारी के अनुसार, जिले में 23 कुकिंग गैस एजेंसियां हैं, जिनके करीब 1.5
लाख गैस कनेक्शन हैं।
इन गैस कनेक्शनों का सत्यापन एवं केवाईसी पूरी कराने
के साथ गैस रिफिल पर देय सब्सिडी की धनराशि सीधे उपभोक्ता के बैंक खाते में
देने का कार्य वर्ष 2015 से होना है। कुल कनेक्शनों में करीब 75 से 80
फीसदी कनेक्शनों की केवाईसी पूरी करने का कार्य हुआ है।
केवाईसी पूरी हो
चुके कनेक्शनों में 40 से 45 फीसदी कनेक्शनों को आधार कार्ड द्वारा/बैंक
एकाउंट नंबर द्वारा बैंक खातों से जोड़ने का का हुआ है। शत प्रतिशत फीडि़ंग
एवं बैंक एकाउंट फीड़िंग फार्म कलेक्शन कार्य जल्द पूरा होने की की उम्मीद
है। नए साल में सब्सिडी को सीधे उपभोक्ताओं के खाते में भेजने की योजना
लागू हो सकेगी। उधर, नए राशनकार्ड जारी करने को राशनकार्ड डाटा फार्म
फीडिंग कार्य तेजी के साथ चल रहा है।
करीब चार लाख डाटा आवेदनपत्रों की
फीड़िंग एवं अपडेट कार्य हो चुका है, जिसमें करीब पौने तीन लाख आवेदकों का
डाटा रेडी टू प्रिंट हो गया है। जिले में 7,95,746 राशनकार्ड है और बड़ी
संख्या में नवीन आवेदन है। राशनकार्ड बनाने के लिए आधार कार्ड/वोटर कार्ड
अनिवार्य हैं, ऐसे में तमाम आवेदन निरस्त होने की संभावना है।
इसके बाद
भी विभाग का अनुमान है कि राशनकार्डों की संख्या 7.5 लाख से 8 लाख तक रह
सकती है। जिन्हें नए साल में जारी किया जाएगा। नए साल पर डीएसओ की
जिम्मेदारी भी बढ़ जाएगी। वैसे तो पूरे जिले की पूर्ति व्यवस्था चुस्त
दुरुस्त रखने का जिम्मा डीएसओ पर है, पर तहसील स्तर पर इसकी जिम्मेदारी
एसडीएम के पास होती है और शहर की व्यवस्था ही डीएसओ के हवाले रहती है, पर
नए वर्ष में लागू होने जा रहे खाद्य सुरक्षा बिल तथा गैस सब्सिडी इन बैंक
एकाउंट के बाद डीएसओ पर वृहद पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी बढ़ जाएगी।