जिला अस्पताल की ओपीडी के बाहर पड़ी वृद्ध मां के पास बैठा रामबहादुर।
- फोटो : अमर उजाला
हरदोई। जिला अस्पताल के कक्ष संख्या नौ की ओपीडी के बाद शनिवार को शरीर में दर्द से परेशान महिला डेढ़ घंटे तक तड़पती रही। गेट पर मौजूद दलाल ने मरीज को डॉक्टर के पास नहीं जाने दिया। मीडियाकर्मियों के पहुंचने के बाद खलबली मच गई। सीएमएस ने फार्मासिस्ट को भेजकर मरीज को इमरजेंसी में भर्ती करवाया।
शहर के करीब स्थित गांव मोहलिया शिवपार की रामप्यारी 75 बीमार चल रही हैं। बेटा रामबहादुर शनिवार करीब 11:30 बजे मां को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा। पर्चा बनवाने के बाद वह मरीज को ओपीडी में कक्ष संख्या नौ के पास ले गया। कक्ष बरामदे में मां को लिटा दिया।
कक्ष संख्या नौ के गेट पर एक दलाल खड़ा था, उसने रामबहादुर को रोक लिया। दलाल ने कहा कि डॉक्टर साहब अभी नहीं देखेंगे। करीब आधा घंटे बाद राम बहादुर फिर गेट पर गया। दलाल ने कहा कि डॉक्टर आपकी मरीज को नहीं देखेंगे। आप जाकर सीधे भर्ती हो जाएगी।
रामबहादुर ने कहा कि बिना डॉक्टर के देखे कैसे भर्ती कर सकते हैं। इस बात पर दलाल से रामबहादुर की कहासुनी भी हुई। इसके बाद फिर रामबहादुर सामने पड़ी मां के पास बैठ गया। एक बजे उठकर डॉ. सुरजीत ओटी की ओर चले गए जबकि ओटी में दो बजे के बाद ही जाने का नियम है।
इसी बीच मीडियाकर्मी पहुंचे और दलाल से डॉक्टर के बारे में पूछा। दलाल ने डॉक्टर के ओटी में होने की जानकारी दी। फोटो जर्नलिस्टों के कैमरे के फ्लैश चमकने और मीडियाकर्मियों के पहुंचने पर खलबली मच गई। इस पर सीएमएस ने फार्मासिस्ट विजय तिवारी को करीब एक बजे मौके पर भेजा।
विजय ने महिला को इमरजेंसी में लेजाकर भर्ती कराया। सीएमएस का डॉ. आर के मिश्रा कहना है कि डॉक्टर ओपीडी में थे। मरीज को शरीर में दर्द था तो उसे सर्जन के पास जाने की क्या जरूरत थी।
दूसरे डॉक्टर को दिखाना चाहिए था। मरीज को भर्ती कराकर डॉ. सुरजीत सिंह को बुलाकर जवाब तलब किया था। सीएमएस ने अस्पताल में दलाल होने की बात को गलत बताया है।