ट्रेन गुजरने से ठीक पहले जबरन गेट खुलवा रहे एक
दारोगा का पुलिसिया रौब गेटमैन पर फूट पड़ा। गेटमैन के फाटक खोलने से मना
करने से दारोगा ने उसे खूब पीटा। दारोगा की पिटाई से क्षुब्ध होकर गेटमैन
भी केबिन छोड़ कर चला गया, जिससे गेट बंद रहा और सिग्नल न मिलने से ट्रेनें
भी खड़ी रहीं।
सड़क और रेल यातायात करीब एक घंटे तक प्रभावित रहा। उधर,
जानकारी पर रेल अफसर भी मौके पर पहुंचे और मामला सुलझाने का प्रयास करते
रहे। गेटमैन ने दारोगा पर केबिन में घुसकर तोड़फोड़ का भी आरोप लगाया है। क्षेत्र
के ग्राम पुरवा के पास से गुजरी रेलवे लाइन पर गेट संख्या 261 सी स्थित
है।
जिस पर गेटमैन बघौली के कुशाल नगर निवासी मुन्नीलाल का पुत्र रमेश
कुमार तैनात है। गुरुवार सुबह करीब 10 बजे अप और डाउन दिशा से मालगाड़ी आने
का सिग्नल होते ही रमेश ने फाटक बंद कर दिया। इसी बीच बघौली थाने के
दारोगा शिवनाथ गुप्ता फोर्स के साथ जीप लेकर फाटक के करीब पहुंचे और गेट
खुलवाने का प्रयास करने लगे।
उन्होंने गेट खुलवाने का पर्याप्त कारण भी
बताया, पर ट्रेन आने ही वाली थी, ऐसे में गेटमैन ने गाड़ियों की जानकारी
देते
हुए फाटक को खोलने से मना कर दिया। इससे दारोगा आपे से बाहर हो गए और
गेटमैन के साथ हाथापाई शुरू कर दी। किसी तरह गेटमैन ने स्वयं को उनसे
छुड़ाया और वहां से भाग गया।
इससे ट्रेनों को सिग्नल भी नहीं मिला और अप
और डाउन रूट की ट्रेनें गेट के पास आकर रुक गईं। गेटमैन से अभद्रता की
सूचना रेल अफसरों को मिली तो मौके पर सहायक अभियंता अमित कुमार भी आरपीएफ
के साथ पहुंचे और मामले को सुलझाने का प्रयास करते रहे, पर काफी देर तक
गेटमैन नहीं माना और सुरक्षा की मांग करता रहा।
उधर, गेटमैन ने
केबिन में तोड़फोड़ करने का आरोप भी दारोगा पर लगाया। करीब एक घंटे तक अप
और डाउन रूट की ट्रेनें प्रभावित रहीं। काफी देने बाद गेटमैन माना और
ट्रेनों को सिग्नल दे गेट खोला। जिसके बाद ही लोगाें ने राहत की सांस ली।
उधर, दारोगा शिवनाथ गुप्ता ने केबिन में तोड़फोड़ की घटना से इंकार कर
सिर्फ मामूली विवाद बताया। वहीं सहायक अभियंता ने भी मामला सुलझा लेने की
बात कही है। बताया कि उन्हें क्षेत्र के एक स्कूल
में नकल की सूचना मिली थीं। जिस पर ही वह पुलिस के साथ दबिश देने जा रहे
थे और समय ज्यादा हो गया था, इसलिए गेटमैन से गेट खोलने का आग्रह किया, पर
गेटमैन द्वारा अभद्र ढंग से बात की गई, जिसका विरोध किया।