फोटो 25: गर्रा नदी में पुल के पास पानी की स्थिति। संवाद
हरदोई/पाली। पहाड़ोंं की बरसात ने गर्रा नदी के पानी में मंगलवार को दूसरे दिन 80 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी कर दी। गर्रा का पानी 144.75 मीटर गेज पर आ गया है। गंगा और रामगंगा नदी के पानी में कमी दर्ज की गई है। गर्रा नदी के पानी में तेजी से हो रही बढ़ोतरी से कटियारी क्षेत्र के लोगों में बाढ़ की आशंका से चिंता और दहशत है। गर्रा नदी के किनारे बसे बाबरपुर, कहरकोला, केवलपुर, धर्मपुर, बैजूपुर गांवों के लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
नदी में छोड़े जाने वाले पानी से जनपद के कटियारी क्षेत्र में अब गर्रा नदी के पानी में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। सोमवार को गर्रा नदी का पानी 143.95 मीटर गेज पर था जो कि मंगलवार को 80 सेंटीमीटर बढ़कर 144.75 मीटर गेज पर आ गया। गर्रा नदी में पीलीभीत के ड्यूनी बैराज से 2,624 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं गंगा नदी में फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर पानी में तीन सेंटीमीटर की मामूली कमी आई और पानी 135.37 मीटर गेज और जनपद के राजघाट पर नौ सेंटीमीटर की कमी आई है। पानी 123.53 मीटर गेज पर आ गया है।
रामगंगा नदी के पानी में शाहजहांपुर डबरी घाट पर 15 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई है। पानी 134.35 मीटर पर आ गया है। हालांकि अभी तीनों ही नदियों का पानी चेतावनी बिंदु पर बना हुआ है। वहीं गंगा में हरिद्वार बैराज से 60,368 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 19,263 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
नदियों के पानी में उतार चढ़ाव और गर्रा नदी के पानी में लगातार दो दिन से होने वाली बढ़ोतरी से पाली क्षेत्र के गांवों के लोगों को बाढ़ आने की चिंता सताने लगी है।
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बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी के साथ ही नदियों के पानी पर लगातार नजर रखी जा रही है। संभावित बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों की तहसीलों के एसडीएम के माध्यम से निगरानी कराई जा रही है। अभी जिले में बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है फिर भी बाढ़ से बचाव के सभी बंदोबस्त जुटा लिए गए हैं।
-अनुनय झा, जिलाधिकारी