गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ के गगनभेदी
नारे गुरुवार को शहर के प्रमुख मार्गों पर निकल रही गणेश की शोभा यात्रा
में सुनने को मिले। हाथी व घोड़ों पर सजी झांकियों को भी शोभा यात्रा में
शामिल किया गया। हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ के गगनभेदी नारों के बीच हरदोई
के महाराजा का विसर्जन कर दिया गया।
इसी के साथ विनायक समिति द्वारा 16वें
भव्य गणेश उत्सव का सफल समापन हो गया। गणेश उत्सव में बुधवार की देर
शाम अग्रवाल धर्मशाला में विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। इससे
पूर्व चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें अलग-अलग वर्गों में
बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
इसके अलावा देर शाम हुए
कार्यक्रमों में भजन आकर्षण का केंद्र रहे। गणेश स्तुति पर जहां भक्त खड़े
होकर स्तुति में लीन हो गए, वहीं कृष्ण के भजनों पर झूमें बगैर न रह सके ।
गुरुवार को उनका पूजन आदि होने के बाद गणपति बप्पा के नारों के बीच शोभा
यात्रा प्रमुख मार्गों से निकाली गई, जो अग्रवाल धर्मशाला से शुरू होकर,
सेंट्रल बैंक रोड होते हुए आनंद सिनेमा, अस्पताल रोड, सिनेमा चौराहा होते
हुए बड़े चौराहे पहुंची।
यहां से नुमाइश चौराहे होते हुए नघेटा रोड होकर
इटोली पुल के समीप समाप्त हुई। यहां पर गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया
गया। इस दौरान भक्तों ने अबीर गुलाल उड़ाते हुए गगनभेदी नारे लगाए।
शोभायात्रा में न सिर्फ हाथियों व घोड़ों को शामिल किया गया, बल्कि
बुग्गियों पर राम दरबार, राधा-कृष्ण, मां दुर्गा आदि की सजी झांकियों को
शामिल किया गया।
इस मौके पर विनायक समिति के संस्थापक सोमेंद्र अग्रवाल,
पंकज अग्रवाल, अपूर्व माहेश्वरी, राजकुमार अग्रवाल, अभिषेक दीक्षित, गौरव
सिंह भदौरिया, श्याम जी गुप्ता, मनोज गुप्ता, देवेंद्र गुप्ता, सुशील आदि
मौजूद थे। उधर, गुरुवार को शोभायात्रा के अलावा झांकी ने तो सभी का मन मोह
लिया।
शोभायात्रा में कृष्ण राधा, भगवान शंकर पार्वती, गणेश जी आदि की
झांकियों ने सभी का मन मोहा, तो ढोल नगाड़ों पर अबीर गुलाल उड़ाते हुए
श्रद्धालुओं ने सभी को नाचने गाने पर मजबूर कर दिया। उधर, सिद्धि
विनायक मराठा मंडल एवं सर्राफा कमेटी के उत्सव में गुरुवार को भंडारे का
आयोजन किया गया।
इसके अलावा गणेश का पूजन विधि विधान से किया गया। छप्पन
भोग लगाया गया। अध्यक्ष अनिल महेंद्रा ने गणेश भक्तों से अपील की कि सभी 25
सितंबर को गणेश पंडाल में पहुंचकर सुबह साढ़े दस बजे विशाल विसर्जन यात्रा
में शामिल हों। बताया कि मुंबई से विशेष कलाकार आकर बैंडों की धुनों पर
झूमकर सभी का मन मोहेंगे व ग्वालों की विशेष टोली शहर में लगी दही हांड़ी
को मानव सीढ़ी बना के फोड़ेंगे।