गैंगस्टर सहित सात मामलों में जिला कारागार में निरुद्ध बंदी की बुधवार को तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई।
बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के ग्राम अलीगढ़ निवासी मंशाराम (37) पुत्र रामभजन 13 अगस्त 2017 से जिला कारागार में बंद था। उसके विरुद्ध बिलग्राम कोतवाली में गैंगस्टर सहित सात मामले दर्ज हैं। जेल अधीक्षक ब्रजेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मंशाराम ने बुधवार सुबह 11 बजे उलझन होने की शिकायत की थी। इस पर उसे जिला कारागार के चिकित्सक डा. अखिलेश वाजपेयी के पास उपचार के लिए भेजा गया। डाक्टर ने उसे दवा दे दी। लगभग दो घंटे बाद डा. अखिलेश वाजपेयी ने फिर से मंशाराम को देखा। डॉक्टर के कक्ष से निकलते ही मंशाराम बेहोश हो गया। जेल कर्मी उसको लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गुरुवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
13 माह में हो चुकी नौ बंदियों की मौत
एक अप्रैल 2018 से अब तक जिला कारागार में नौ बंदियों की मौत हो चुकी है। इनमें कुछ बंदियों की बीमारी के कारण मौत हो गई, जबकि कुछ ने परेशान होकर खुदकुशी कर ली। इस माह में ही बंदी की मौत की यह दूसरी घटना है। बीते दिनों एक हत्यारोपी ने कारागार के शौचालय में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी।
क्षमता से दोगुने हैं बंदी
विश्वस्त सूत्रों की मानें तो जिला कारागार में बंदियों के बीमार होने की बड़ी वजह क्षमता से अधिक बंदी कारागार में होना भी है। सूत्रों की माने तो जिला कारागार में 748 बंदी रखने की व्यवस्था है, लेकिन बुधवार तक यहां 1450 लोग बंद हैं।