हरदोई। इसे विभागीय लापरवाही कहे या फिर काम करा रही फर्म की मनमानी। बहरहाल कुछ भी हो काम के मामले में दोनों ही संवेदनहीन नजर आ रहे हैं। तहसील बिलग्राम के मदारीपुरवा के पास गंगा नदी में कटानरोधी काम अधूरा है। बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से गंगा में बाढ़ आ गई है और ग्रामीणों को इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ेगा।
गांवों को कटान से बचाने के लिए मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में से एक नदियों में कटानरोधी काम कराए जा रहे हैं। यहां पर जलशक्ति विभाग के माध्यम से तहसील बिलग्राम के पुन्नापुरवा के मजरा मदारीपुरवा के पास गंगा में कटानरोधी काम होना है। काम की स्वीकृति 30 मार्च को दी गई थी। काम कराने के लिए 6.46 करोड़ रुपये की मंजूरी के साथ ही शासन ने 3.74 करोड़ रुपये भी दे दिए थे। निविदा प्रक्रिया पूरी किए जाने के साथ ही इस काम को 30 जून तक पूरा कराने की समयसीमा तय की गई थी। विभाग न तो काम पूरा करा पाया और न ही पहली किस्त में मिले रुपये खर्च कर पाया।
बरसात से पहले-पहले काम कराने की प्रशासन की प्राथमिकता भी अभियंताओं और फर्म संचालकों ने नहीं मानी। विभाग अभी तक पहली किस्त में 79 लाख रुपये खर्च कर पाया है। वहीं बैराजों से छोड़े जाने वाली पानी ने गंगा नदी के जलस्तर को फर्रुखाबाद में खतरे के निशान को छू लिया है जबकि राजघाट पर चेतावनी बिंदु से ऊपर बना हुआ है।
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जल शक्ति विभाग ने दावा किया कि 6.46 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना के लिए मिले 3.74 करोड़ रुपये में से सिर्फ 79 लाख रुपये खर्च कर 90 प्रतिशत काम करा लिया गया है। विभाग ने इसकी रिपोर्ट मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर दी जाने वाली प्रगति में अंकित की है। वित्तीय खर्च की प्रगति 25 प्रतिशत ही हो पाई है।
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गंगा नदी का पानी बढ़ा है। बृहस्पतिवार को पानी मदारीपुरवा तक पहुंच गया। यहां पर आबादी के प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। कटान अभी नहीं हो रही है। प्रभावित परिवारों को सूखा राशन और लंच पैकेट वितरित किए जाने की भी व्यवस्था की जा रही है। -एन राम, उप जिलाधिकारी, बिलग्राम
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मदारीपुरवा में काम कराया जा रहा था इसी बीच पहाड़ों पर हुई बरसात के कारण गंगा नदी का पानी बढ़ने से काम रोकना पड़ा था। 90 प्रतिशत तक काम करा लिया गया है, पानी कम होने पर बाकी काम कराया जाएगा। -एके चौधरी, अधिशासी अभियंता, शारदा नहर