हरदोई। हरिद्वार तथा नरौरा बांधों से पानी छोड़ने का सिलसिला जारी है। इससे नदियों का जल स्तर एक बार फिर बढ़ गया है। गंगा चेतावनी बिंदु पार कर खतरे के निशान की ओर बढ़ रही है। बाढ़ को लेकर नदियों से घिरे क्षेत्रों में लोगों की धुकधुकी बढ़ गई है। दो दिनों में इन बांधों से दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी नदियों में छोड़ा जा चुका है जिससे बाढ़ को लेकर चिंता बढ़ गई है।
गंगा का जलस्तर चेतावनी के निशान 136.60 को पार 136.95 के स्तर से आगे बढ़ रहा है। इस संबंध में बाढ़ से प्रभावित रहने वाली तहसील सवायजपुर के एसडीएम पीसी लाल श्रीवास्तव ने कहा कि बाढ़ को लेकर सजगता बरतने के निर्देश अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दिए गए हैं। नदियों में छोड़े जाने वाले पानी एवं बढ़ने वाले जल स्तर पर निगाह रखी जा रही है। संभावित बाढ़ को लेकर आवश्यक कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
सड़कें खराब, बाढ़ बढ़ाएगी मुश्किलें
हरदोई। बिल्हौर-कटरा हाईवे पर गर्रा नदी का पुल छह साल में कई बार क्षतिग्रस्त हो चुका है और उसके आगे नीलम नदी का पुल अभी भी क्षतिग्रस्त है। इससे भारी वाहनों का आवागमन बंद है। रूट डायवर्ट कर वाहनों को वाया सांडी लोनार सवायजपुर के पास हाईवे से निकाला जा रहा है। मगर भारी वाहनों के दबाव व रुक रुक कर होने वाली बारिश से लोनार - सवायजपुर मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो रहा है। ऐसे में इस मार्ग पर आवागमन ठप होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। उधर, नदियों वाले क्षेत्र में चौंसार-श्रीमऊ, बरगदापुरवा, हरपालपुर वाया जोधनपुरवा, चौधरियापुर मार्ग, सवायजपुर-बर्रा- खसौरा, मलौथा, कठेठा मार्ग भी खराब है। नदियों में जल स्तर बढ़ने के कारण बाढ़ भी आ सकती है। तब बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में यही पुल और सड़के राहत कार्यों के लिए सबसे बड़ी मुसीबत बन सकती हैं।