हरदोई। जिले में खादी की नींव पड़े करीब 96 साल हो गए। खादी अभी लोगों की पसंद बनी हुई है। लोगों में खादी की जगह बना लेने से करीब 59 साल से स्वराज आश्रम लोगों को उनकी पसंद की खादी उपलब्ध करा रहा है। गांधी जयंती पर स्वराज आश्रम में खादी को और बढ़ावा देने के लिए खरीदारों को छूट भी दी जाएगी।
आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती है। जयंती पर हम सभी राष्ट्रपिता और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाएंगे। उनके बताए आदर्शों पर चलने का संकल्प भी लेंगे। गांधी जयंती पर हरदोई शहर स्थित स्वराज आश्रम के साथ ही पिहानी, शाहाबाद और मल्लावां में भी इसकी शाखाएं हैं। जिले में खादी की नींव साल 1929 में 11 अक्तूबर को तब पड़ी थी जब राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जिले में कदम पड़े। उन्होंने जहां पर सभा की थी उसी स्थान का नाम गांधी भवन और गांधी मैदान रखा गया था। देश को अंग्रेजी हुकूमत से आजाद कराने के आंदोलन में जिले में आए महात्मा गांधी की जनसभा में पांच हजार से अधिक महिला-पुरुष शामिल हुए थे।
गांधी जी के भाषण का लोगों में इस कदर असर हुआ कि देश की आजादी की लड़ाई के लिए महिलाओं ने जेवर उतार दिए थे। आम लोगों के साथ ही बेरुआ स्टेट की रानी विद्या देवी, रानी लक्ष्मी देवी, विद्या देवी की पुत्री तारा देवी ने विदेशी वस्त्रों, साड़ियों का बहिष्कार कर खादी के कपड़ों को पहनने की घोषणा कर दी। इसके बाद लोगों ने खादी को अपना लिया और विदेशी कपड़ों को जला दिया था। खादी वस्त्रों की बिक्री शुरू कर दी गई।
स्वराज आश्रम पर खादी के उत्पादों के साथ ग्रामोद्योग के उत्पाद भी लोगों के लिए उपलब्ध हैं। गांधी जयंती पर कपड़ों पर 20 प्रतिशत की छूट खरीदारी को दी जाएगी। -प्रमोद कुमार द्विवेदी, प्रबंधक, स्वराज आश्रम