हरदोई। लखनऊ रोड स्थित गल्ला मंडी में बुधवार की देर रात अचानक लगी एक दुकान में आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धर लिया। गल्ला व चाय, किराना आदि की 12 दुकानें आग की चपेट में आने से सैकड़ों क्विंटल अनाज जल गया। आनन फानन में व्यापारी रात में ही मंडी पहुंचे और फायर ब्रिगेड की टीम के साथ जुटकर आग बुझाई। घटना को लेकर मंडी व्यापार मंडल अध्यक्ष वेद प्रकाश गुप्ता ने मुआवजा दिए जाने की मांग की है। आग लगने के पीछे किसी दुकान में शार्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है।
बुधवार की रात करीब एक बजे अचानक गल्ला मंडी स्थित पशुपति नाथ बाबा ट्रेडर्स व पास की अन्य दुकानों से आग की लपटें उठने लगीं। लपटों के साथ अनाज आदि के जलने के साथ हो रही चटक चटक की आवाज से आस पास सो रहे पल्लेदार उठ बैठे और मामले की सूचना व्यापारियों को देकर आग बुझाने लगे। फायर ब्रिगेड को भी मामले की सूचना दी गई। फायर ब्रिगेड की टीम आदि ने मिलकर करीब दो घंटों में आग पर पूरी तरह से काबू पाया। तब तक गल्ले की दुकानों सहित चाय, पान, किराना आदि की 12 दुकानें जलने के साथ ही करीब 200 क्विंटल से अधिक अनाज व एक बाइक और दुकानों आदि में रखी नगदी कागज आदि जल गए।
घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे मंडी व्यापार मंडल अध्यक्ष वेद प्रकाश गुप्ता ने अग्निकांड से पीड़ित व्यापारियों एवं दुकानदारों को ढांढस बंधाते हुए प्रशासन से हुई क्षति के लिए सभी पीड़ितों को मुआवजा दिए जाने की मांग की। इस संबंध में क्षति विवरण सहित मंडी सचिव को ज्ञापन दिया है।
अग्निकांड से हुए नुकसान पर एक नजर
हरदोई। गल्ला मंडी व्यापार मंडल अध्यक्ष वेद प्रकाश गुप्ता ने मंडी प्रशासन को दिए ज्ञापन में बताया कि दुकानों पर रखा किसानों आदि का करीब 200 क्विंटल अनाज जलने के अलावा पशुपति नाथ बाबा ट्रेडर्स के अभिलेख एवं एक लाख नगदी, मोरोध्वज ट्रेडिंग कंपनी दुकान की एक बाइक, करीब 16 क्विंटल अनाज एवं 35 हजार नगदी जल गई। मनोहर लाल, अशोक कुमार दुकान की 35 हजार नगदी, अभिलेख, पांच क्विंटल तिल एवं 500 बोरा (खाली) आदि जल गए। उमेश गुप्ता की दुकान से किसानों का करीब 42 क्विंटल अनाज एवं दुकान में रखे रिकार्ड आदि जल गए। लक्ष्मी नारायण अरविंद कुमार की दुकान पर टीवी, अलमारी, कूलर, पांच क्विंटल अनाज, आठ बोरा धान आदि जल गए। वहीं, विजय गुप्ता के किराने की दुकान से 40 हजार, वहीद नाई की दुकान से 10 हजार, दिनेश गुप्ता की चाय पूड़ी की दुकान से 15 हजार, अरविंद की परचून की दुकान से 60 हजार, नारायण विकलांग की चाय की दुकान से 12 हजार एवं पड़ोस में बने पल्लेदारों के अस्थाई आशियाने में बच्चन को 3000, प्रकाश के 7300, राजेश के 9000, रघुनंदन के 3000, प्रदीप के 3500 एवं राम प्रकाश को 2 हजार का नुकसान हुआ है।