हरदोई। खाद्य पदार्थों में मिलावट पर प्रशासन की कार्रवाई जारी है। गजक की गुणवत्ता मानक अनुरूप न मिलने से जांच में नमूना फेल हो गया। अपर जिलाधिकारी प्रियंका सिंह ने गजक का नमूना फेल होने पर विक्रेता और निर्माता पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। एक माह में जुर्माने के रुपये जमा किए जाने के आदेश दिए हैं।
खाद्य पदार्थों में मिलावट और आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ पर प्रशासन की तरफ से जांच और नमूना लिए जाने का अभियान चलाया जा रहा है। वहीं, जांच के लिए भेजे गए नमूना की जांच रिपोर्ट अधोमानक मिलने पर मामले की सुनवाई की जाती है। विक्रेता और निर्माता कंपनी की तरफ मानकयुक्त खाद्य सामग्री होने का कोई साक्ष्य नहीं दिया जा सका। एडीएम ने कमल गजक का नमूना अधोमानक होने पर विक्रेता शहर के मोहल्ला आवास विकास कॉलोनी निवासी मोहित गुप्ता पर 5,000 रुपये और लखनऊ के चारबाग की गुड़ की गजक बनाने वाली निर्माता कंपनी कमल गजक और पेठा भंडार पर 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।
एडीएम ने बताया कि विक्रेता और निर्माता कंपनी के संचालक को नोटिस दिया गया है। एक माह में जुर्माने के रुपये जमा किए जाने के आदेश दिए गए हैं। जुर्माना समय से अदा न किए जाने पर बकाया भू-राजस्व की भांति वसूली की चेतावनी दी गई है।