पिहानी / संडीला। भीषण गर्मी के बीच बिजली की आपूर्ति न मिलने से हाहाकार मचा है। पिहानी में तो 24 घंटे में बमुश्किल छह घंटे ही बिजली आपूर्ति मिली। टाउन फीडर की मुख्य केबल ओवर लोड के कारण धुआं दे गई।
इसके कारण बड़ी पिहानी की आपूर्ति दोपहर से रात आठ बजे तक ठप रही। इसके बाद छोटी पिहानी और यूसुफजई के ट्रांसफार्मर फुंक गए। सुबह छह बजे पिहानी की एचटी लाइन में कौआ चिपकने से आपूर्ति बाधित हो गई। यहां शाम को आपूर्ति शुरू हुई लेकिन ट्रिपिंग का सिलसिला जारी रहा। उधर दूसरी ओर संडीला में दो मोहल्लों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। इमलियाबाग पावर हाउस से गल्लामंडी जाने वाली लाइन बुधवार आधीरात के बाद दो बजे जलने लगी। इसके कारण आपूर्ति बंद कर दी गई। मोहल्ला सुंबाबाग में भी बिजली आपूर्ति केबल जल जाने के कारण ठप रही।
- पलिया विद्युत उपकेंद्र से कटरी के दो सौ गांवों के 24 हजार उपभोक्ताओं केा बिजली दी जा रही है। यहां 24 घंटे में सिर्फ सात घंटे ही बिजली आपूर्ति मिली। अवर अभियंता एसके चंद्रा का कहना है कि रोस्टिंग रूपापुर से हो रही है। लोड बढ़ने के कारण फाल्ट भी ज्यादा हो रही है।
- हरिहरपुर विद्युत उपकेंद्र से टड़ियावां व आस पास के साठ गांवों को बिजली की आपूर्ति की जाती है। पिछले कई दिनों से 24 घंटे में आठ से दस घंटे ही बिजली आपूर्ति हो रही है। अवर अभियंता का दावा है कि ऊपर से जितनी मिल रही है, उतनी दी जा रही है।
- पाली विद्युत उपकेंद्र से नगर क्षेत्र के साथ ही लगभग सौ गांवों में 21 हजार उपभोक्ताओं को बिजली दी जाती है। रोस्टिंग और लोकल फाल्ट का हवाला देकर कटौती की जा रही है। 24 घंटे में महज दस से 12 घंटे ही आपूर्ति मिल रही है। अवर अभियंता सुखपाल सिंह ने बताया कि रोस्टिंग ऊपर से होती है।
- मल्लावां में भी बिजली संकट है। 24 घंटे में से दस से 12 घंटे ही बिजली आपूर्ति मिल रही है। अधिकांश कटौती रोस्टर के नाम पर की जा रही है। अवर अभियंता एहतिशाम अहमद ने बताया कि लखनऊ मुख्यालय से बिजली की कटौती हो रही है।
- कछौना वविद्युत उपकेंद्र से बीस हजार उपभोक्ता जुड़े हैं। नगर निकाय क्षेत्र के उपभोक्ताओं को दस घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को सात से आठ घंटे ही बिजली आपूर्ति मिल पा रही है। अवर अभियंता राज कुमार का कहना है कि संडीला के पावर स्टेशन से इतनी ही लाइट मिल रही है।
- बावन में स्थित विद्युत उपकेंद्र से बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को आपूर्ति की जाती है। 24 घंटे में से महज दस घंटै ही बिजली आपूर्ति मिल रही है। ओवर लोड होने के कारण ट्रांसफार्मर और केबल जल रही हैं। अवर अभियंता महेंद्र पॉलिवाल का कहना है कि रोस्टिंग तब की जाती है जब उपकेंद्र पर ही बिजली की आपूर्ति नहीं होती।
- भरावन के अतरौली विद्युत उपकेंद्र से 46963 उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति की जाती है। 24 घंटे में से आठ घंटे ही बिजली की आपूर्ति मिल रही है। ट्रिपिंग का सिलसिला पूरी रात चलता है। अवर अभियंता सूरज गुप्ता से जब इस बारे में पूछा गया तो वह जवाब देने से कतराने लगे और फोन काट दिया।
- हरियावां विद्युत उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ताओं को भी आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। यहां से जुड़े 14 हजार उपभोक्ताओं को 24 घंटे में से महज दस घंटे ही बिजली आपूर्ति मिल पा रही है। अवर अभियंता अजय शर्मा ने बताया कि बिजली कटौती ऊपर से होती है। जितनी आपूर्ति मिल रही है, उतनी दी जा रही है।
फोटो-20- पिहानी सब स्टेशन पर फाल्ट ठीक करते बिजली कर्मचारी। संवाद