बिलग्राम (हरदोई)। खुद को सचिवालय में गृ़ह विभाग का लिपिक बताकर एक शख्स ने नौकरी लगवाने के नाम पर अधिवक्ता से 20 लाख रुपये की ठगी कर ली। बेटी की नौकरी न लगने और रुपये वापस मांगने पर ठगी करने वाले ने अधिवक्ता को जान से मारने की धमकी दी। एसपी के आदेश पर पुलिस ने ठगी का मामला दर्ज किया है।
कस्बे के मोहल्ला खतराना निवासी शैलेंद्र सिंह अधिवक्ता हैं। पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती पत्र में उन्होंने बताया कि वह एक जमीन खरीद रहे थे। इसके सौदे में कुछ अड़चन आ गई थी। इसका निस्तारण कराने के लिए उनके एक रिश्तेदार ने लखनऊ के दुबग्गा रोड पर स्थित अयोध्यापुरी निवासी मान सिंह उर्फ विकास से मिलवाया। अधिवक्ता का दावा है कि विकास ने खुद को सचिवालय में गृह विभाग का कर्मचारी बताया था। जमीन के सिलसिले में चल रही बातचीत के दौरान ही मानसिंह ने शैलेंद्र से कहा कि अगर 20 लाख रुपये दें ताे उसकी पुत्री की नौकरी सचिवालय में खाली पड़ी बैकलॉग की जगह में करा देगा। 24 जनवरी 2024 को शैलेंद्र ने मानसिंह उर्फ विकास को 20 लाख रुपये दे दिए। इसके बाद भी उनकी बेटी की नौकरी नहीं लगी। रुपये वापस मांगने या नौकरी लगवाने की बात कहने पर मानसिंह उनसे गाली-गलौज करता है और जान से मारने की धमकियां देता है। कोतवाल उमाकांत दीपक ने बताया कि एसपी के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
लखनऊ में भी ठगी कर चुका है मान सिंह उर्फ विकास
अधिवक्ता से बेटी की नौकरी लगवाने के नाम पर 20 लाख रुपये की ठगी करने वाला मानसिंह बेहद शातिर है। उसने लखनऊ में ठाकुरगंज इलाके के चाणक्यपुरी बरौना निवासी डा. नरेंद्र वर्मा से एक करोड़ रुपये ऐंठ लिए थे। डाॅ. वर्मा को उसने खुद को समीक्षा अधिकारी बताया था। डाॅ. वर्मा के एक प्लॉट से कबाड़ियों का कब्जा हटवाने और रिश्तेदारों को नौकरी दिलवाने के नाम पर यह ठगी की थी।