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दो दहेज हत्याओं में चार को सजा

Tue, 21 Mar 2017 11:46 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला हरदोई
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कोर्ट - फोटो : Pintrest
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जिले की दो अलग-अलग फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दहेज हत्या के दो मुकदमे की सुनवाई की। एक में पति को जबकि दूसरे मामले में पति, सास व ससुर को सजा सुनाई गई। अपर जिला जज फास्ट ट्रैक कोर्ट राजेश कुमार की अदालत में चले मुकदमे की अभियोजन पक्ष की और से पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अमलेंद्र सिंह के अनुसार जिले में लोक निर्माण विभाग में कार्यरत कनिष्ठ सहायक महेंद्र कुमार कोतवाली शहर के कोयल बाग कालोनी में रहते थे। उनके साथ उनकी माँ विद्यावती व बहन भी रहती थी।
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वह अपने भाई रावेंद्र कुमार व भाभी सरिता देवी व उनके  तीन साल के बच्चे को भी उन्नाव से हरदोई ले आये थे। घटनाक्रम के अनुसार, 6 अगस्त 2016 को भाई व भाभी के बीच झगड़ा हुआ। जिसमे भाई रावेंद्र कुमार ने सरिता देवी के सिर पर हथौड़ी से हमला कर उनकी हत्या कर दी और भाग गया। वहीं, इस मामले में मृतका के पिता  कन्हैयालाल ने एसपी हरदोई को प्रार्थना पत्र देकर पति रावेंद्र, देवर महेंद्र व सास विद्यावती पर पुत्री की दहेज के कारण हत्या करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने तीनों के विरुद्ध आरोप पत्र भी अदालत में दाखिल कर दिया।

अदालत के समक्ष चले मुकदमे में अदालत ने साक्ष्य के आधार पर आरोपी पति रावेंद्र को दहेज हत्या के अपराध में दोषी पाते हुए उसे 10 साल की कैद व दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं, अदालत ने आरोपी देवर व सास को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया।
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दूसरा मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश रामकरन की अदालत में चला। घाटनाक्त्रस्म के अनुसार, सीतापुर निवासी महेश सिंह ने अपनी पुत्री रूबी सिंह की शादी कासिमपुर थानाक्षेत्र के सेमरी तलोली निवासी अतुल सिंह के साथ की थी। उसने आरोप लगाया था कि पति अतुल सिंह, सास गुड्डी देवी और ससुर बलवीर दहेज में चेन और मोटरसाइकिल की मांग को लेकर उसकी पुत्री को प्रताड़ित करते थे।

उसने आरोप लगाया था कि 30 अक्टूबर 2011 को तीनों ने मिलकर उसकी पुत्री की जलाकर हत्या कर दी। अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी कर साक्ष्य के आधार पर पति, सास व ससुर को दहेज प्रताड़ना व दहेज हत्या के अपराध में दोषी पाते हुए सभी को सात सात साल की कैद व सात सात हजार रुपये अदा करने की सजा सुनाई।
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