हरदोई। नगर पंचायत कुरसठ की वर्ष 2012 से 2017 तक के चेयरमैन को लोकायुक्त जांच में दोषी करार दिया गया है। लोकायुक्त ने अपनी रिपोर्ट शासन को भेज दी है। शासन ने प्रक्रिया में गड़बड़ी और नुकसान के आकलन और शामिल अन्य दोषियों की भूमिका की जांच के आदेश दिए हैं। शासन की ओर से जारी पत्र यहां अधिकारियों को मिल गया है।
नगर पंचायत कुरसठ में वर्ष 2017 तक चेयरमैन रहीं विद्यादेवी को लोकायुक्त जांच में दोषी पाया गया है। लोकायुक्त ने जांच में दोषी करार देते हुए रिपोर्ट के आधार पर शासन को कार्रवाई की संस्तुति की है। नगरीय निकाय विभाग ने तत्कालीन चेयरमैन के साथ ही विकास कार्यों, टेंडर प्रक्रिया और भुगतान में शामिल रहे लिपिक और अभियंता की भी भूमिका की जांच के आदेश दिए हैं। शासन ने पांच साल में नगर पंचायत कुरसठ में कराए काम और भुगतान में हुए नुकसान के आकलन और शामिल दोषियों का विवरण भी मांगा है।
नगर पंचायत कुरसठ में वर्ष 2012 से 2017 तक कार्यकाल में गड़बड़ी की जांच लोकायुक्त ने कराई थी। जांच में इस समय अध्यक्ष रही विद्यादेवी को दोषी करार दिया गया है। लोकायुक्त की जांच रिपोर्ट पर शासन ने गड़बड़ी, नुकसान के आकलन की रिपोर्ट मांगी है। नुकसान के आकलन के लिए डिप्टी कलक्टर धीरेंद्र श्रीवास्तव की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन किया गया है। समिति में पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड दो के सहायक अभियंता, बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी, नगर पंचायत कुरसठ के अधिशासी अधिकारी को नामित किया गया है। सभी से तकनीकी और अभिलेखीय परीक्षण रिपोर्ट मांगी गई है। समिति में गड़बड़ी के लिए तत्कालीन अध्यक्ष के साथ ही लिपिक और अभियंता की भूमिका के संबंध में भी स्पष्ट आख्या देगी। -मंगला प्रसाद सिंह, जिलाधिकारी