फोटो 45: घर पर केक बनातीं मुध गुप्ता, साथ में पुत्री व पति। स्रोत : स्वयं
हरदोई। नारी शक्ति को यूं नहीं दुर्गा, लक्ष्मी कहा गया है। मन में ठान लें तो पूरा करके दिखाती हैं। ऐसा ही एक नाम है मोहल्ला चंदीपुरवा की मधु गुप्ता का। जन्मदिन-पार्टी में उपयोग में लाए जाने वाले केक बनाने का काम 14 साल पहले घर पर ही शुरू किया था। समय के साथ केक को लोगों ने पसंद किया। इससे न केवल उन्हें अलग पहचान मिली बल्कि आमदनी से परिवार को आर्थिक मजबूती भी मिली।
मधु गुप्ता ने संघर्ष, साहस और परिश्रम के दम पर अपने काम को व्यवसाय में बदल दिया। घर पर बेकरी का काम शुरू किया। समय के साथ व्यवसाय धीरे-धीरे बढ़ने लगा। केक को लोगों ने पसंद किया और मांग बढ़ने पर परिवार के सदस्यों को भी केक बनाना सिखाया और रोजगार से जोड़ा। केक की मांग बढ़ने से उनके व्यवसाय को सफलता मिलने लगी।
बताया कि मांग बढ़ने पर केक की आपूर्ति में पति पंकज का सहयोग लेना शुरू किया। काम और आमदनी से अब पति पूरा समय देने लगे हैं। शुरुआत में घर-गृहस्थी और व्यवसाय में संतुलन बनाने में समस्या आई थी लेकिन फिर सब सामान्य और आसान हो गया। बताया कि अब केक के ऑनलाइन भी ऑर्डर मिलने लगे हैं। बताया कि आमदनी बढ़ने से बच्चों की पढ़ाई पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बताया कि व्यवसाय में सफलता के लिए समय प्रबंधन और धैर्य बहुत जरूरी है।