व्यापम को खूनी घोटाला बताकर आम आदमी पार्टी के
पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने शनिवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर
राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। ज्ञापन में पदाधिकारियों ने
एमपी के गृहमंत्री व सीएम को बर्खास्त कर जेल भेजने और राष्ट्रपति शासन
लगाने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान कलक्ट्रेट में जिला संयोजक डा.
मनीष शर्मा ने कहा कि व्यापम की व्यापकता, भ्रष्टाचार में हो रही मौतों का
खेल कहां से शुरू होता है, सभी को भलीभांति पता है, फिर भी चालीस से ज्यादा
मौतों पर भी प्रधानमंत्री की चुप्पी समझ से परे है।
उन्होंने कहा कि मामले
की जांच की आंच संवैधानिक पदों पर आसीन लोगों से लेकर बड़े अफसर, पक्ष व
विपक्ष के नेता, व्यापारी और सत्ता के दलालों तक पहुंच रही है। लिहाजा
प्रभावशाली लोगों को बचाने को षड्यंत्र की व्यूह रचना आम तौर में देखने में
आती रहती है।
जिला सचिव नवजीत यादव ने कहा कि यह घोटाला व्यवस्थाजन्य
लिप्सा और खामियों से जुड़ा है, पर इसका कोपभाजन एक तो वह युवा और उनके
अभिभावक हो रहे हैं, जो रिश्वत के भूखे परीक्षा में चयनित हुए। दूसरे वह
लोग भोग रहे हैं, जो अपनी योग्यता के बूते चयन के वास्तविक हकदार थे, पर
चयनित नहीं हो पाए।
कहा कि अब इस घोटाले की भेंट जांच कर रहे अफसर और
पर्दाफाश कर रहे पत्रकार चढ़ रहे हैं। नगर प्रभारी माणिक अग्निहोत्री ने
कहा कि अनेक आरोपी तो जमानत मिलने के बाद अदालत के आदेश से नौकरी पर बहाल
भी हो गए हैं। कहा कि इससे अदालतों की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं,
क्योंकि जब यह अभ्यर्थी अयोग्य व अपात्र थे, तो गलत तरीके से पाई नौकरियां
क्यों बहाल नहीं की गई।
इस दौरान आप पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने जोरदार
नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इस दौरान राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम
रमेश मिश्र को सौंपकर जांच करा गृहमंत्री व सीएम की लापरवाही को संज्ञान
में रखते हुए उन्हें बर्खास्त कर जेल भेजने एवं राष्ट्रपति शासन लागू
करवाने की मांग की।
इस मौके पर विमलेश शर्मा, शमी, दीपक पटेल, सोनू
राजपूत, आबिद अली सिद्दीकी, अरविंद राजपूत, हरीराम फैजी, संदेश कुमार
राजपूत, संजय कुमार, मुकेश पाल, अजय टंडन, कन्हैया लाल, प्रेमशंकर मिश्रा
और शैलेश सिंह आदि मौजूद थे।